नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए स्वीडन, फिनलैंड और यूनाइटेड किंगडम के शीर्ष नेता भारत पहुंच चुके हैं। राजधानी नई दिल्ली में हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव, संभावनाओं और जिम्मेदार उपयोग पर व्यापक चर्चा हो रही है। फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो और स्वीडन की उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा, व्यवसाय और उद्योग मंत्री एब्बा बुश बुधवार सुबह भारत पहुंचे, जबकि यूनाइटेड किंगडम के उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने सभी नेताओं का स्वागत किया।
स्वीडन की उपप्रधानमंत्री के आगमन पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-स्वीडन संबंध व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, नवाचार, जलवायु कार्रवाई और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में मजबूत सहयोग का उदाहरण हैं। वहीं फिनलैंड के प्रधानमंत्री के स्वागत में मंत्रालय ने बताया कि उनकी यह यात्रा डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्थिरता और शिक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी। उन्हें हवाई अड्डे पर कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत सिंह ने रिसीव किया।
यूके के उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी की यात्रा को भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला कदम बताया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सहयोग विश्वसनीय, समावेशी और जिम्मेदार एआई को नवाचार, आर्थिक विकास और साझा समृद्धि के माध्यम के रूप में आगे बढ़ाएगा।
पांच दिवसीय इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दिनभर कई अन्य वैश्विक नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस सम्मेलन का उद्देश्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की राष्ट्रीय भावना और ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत के अनुरूप एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करना है। समिट में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख स्तर के प्रतिनिधियों और करीब 45 मंत्रियों की भागीदारी हो रही है। यह सम्मेलन एआई समिट श्रृंखला का चौथा संस्करण है, जो इससे पहले ब्लेचली पार्क (यूके) 2023, दक्षिण कोरिया 2024 और फ्रांस 2025 में आयोजित हो चुका है।