निजीकरण व इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल के विरोध में मथुरा में बिजली कर्मियों का प्रदर्शन

टेंडर निकला तो जेल भरो आंदोलन, बिल पारित हुआ तो लाइटनिंग स्ट्राइक की चेतावनी

मथुरा। निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। मथुरा में भी बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर कार्यालयों से बाहर निकलकर बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया तो प्रदेशभर में सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं संसद में इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल पारित करने की कोशिश हुई तो देशभर के बिजली कर्मचारी बिना नोटिस कार्य बंद कर लाइटनिंग स्ट्राइक करेंगे।
आंदोलन की प्रमुख मांगों में निजीकरण प्रक्रिया निरस्त करना, इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल व प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी को वापस लेना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, आउटसोर्सिंग पर रोक और नियमित भर्तियां शामिल हैं।
संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे उद्योगों के हितों के खिलाफ है। आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी समर्थन दिया।
मथुरा में हुए प्रदर्शन में इंजीनियर राहुल चौरसिया, अजीत सिंह, अशोक यादव, संदीप पटेल सहित कई पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।