बांके बिहारी कॉरिडोर की दिशा में बड़ा कदम: मंदिर क्षेत्र के दो और लोगों ने की रजिस्ट्री

मथुरा। श्री बांके बिहारी जी मंदिर के आस-पास श्रद्धालुओं के लिए जनसुविधाओं के विकास एवं निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा की उपस्थिति में 7 फरवरी को परियोजना के अंतर्गत दो और रजिस्ट्री की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसके साथ ही अब तक कुल 6 रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 20 से अधिक रजिस्ट्री की तैयारी कर ली गई है जिन्हें सोमवार से लगातार कराया जाएगा।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में गठित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के निर्देशों पर यह प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। जनसुविधाओं के विकास क्षेत्र में आने वाले संपत्ति स्वामियों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। दुकानों के बदले दुकानें उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा सुनरख एवं रुक्मिणी विहार में फ्लैट भी दिए जा रहे हैं। इन सुविधाओं को देखते हुए भूसंपत्ति स्वामी स्वेच्छा से रजिस्ट्री के लिए आगे आ रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार आगामी एक माह के भीतर लगभग आधे से अधिक प्रस्तावित रजिस्ट्री संपन्न कर ली जाएंगी। अभी तक लगभग 800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की रजिस्ट्री हो चुकी है। आज संपन्न रजिस्ट्री में लगभग 200 वर्ग मीटर भूमि शामिल रही, जिसमें से लगभग 150 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री रविंद्र कुमार शर्मा द्वारा कराई गई।
जनसुविधाओं का विकास ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंदिर क्षेत्र में भूमि क्रय की समस्त कार्यवाही पूर्ण पारदर्शिता एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने हेतु जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर के आस-पास सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा तथा सुगम प्रवेश एवं निकास द्वार विकसित किए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में भीड़ का दबाव कम होगा। जनसुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रशासन का कहना है कि इस भव्य परियोजना से न केवल श्रद्धालुओं के दर्शन सरल होंगे, बल्कि संपूर्ण ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप यह निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।