Budget 2026: देश में बनेंगे तीन नए AIIMS, टेक्सटाइल पार्क, महात्मा गांधी हैंडलूम योजना… वित्त मंत्री के बड़े एलान
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना रिकॉर्ड नौवां केंद्रीय बजट (2026-27) पेश किया। यह बजट न केवल अपने आंकड़ों के लिए, बल्कि अपनी वैचारिक नींव के लिए भी खास है। वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट ‘3 कर्तव्यों’ (3 Kartavyas) से प्रेरित है, जो देश की आर्थिक वृद्धि, जन-आकांक्षाओं और समावेशी विकास (Sabka Saath Sabka Vikas) को समर्पित हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण की शुरुआत में कहा, इस बजट में ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बजट पर फोकस है। इसके अलावा इस साल के बजट में युवा शक्ति पर फोकस है। वित्त मंत्री ने कहा, “सरकार के कदमों से 7 प्रतिशत का विकास और गरीबी कम करने में मदद मिली है। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होना होगा।”
वित्त मंत्री ने कहा, “आर्थिक विकास को सतत और तेज बनाए रखना सरकार का पहला कर्तव्य है।”
क्या है मुख्य घोषणाएं?
2025 में रेअर परमानेंट मैग्नेट स्कीम शुरू की गई थी। इसमें आगे बढ़ते हुए खनिज संपन्न राज्यों की मदद की जाएगी। पांच राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल के डेडिकेटेड कॉरिडोर बनेगा। इसके अलावा EMS PLI स्कीम का आवंटन 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ किया जाएगा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन – उपकरण और सामग्री उत्पादन, सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 शुरू किया जाएगा।
- 5 साल में बायोफार्मा में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा
- दुर्लभ खनिज के लिए कॉरिडोर बनेगा
- आंध्र, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में कॉरिडोर बनेगा
- कैंसर, डायबिटीज की दवाइयां सस्ती होगी
- टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का एलान
- महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करेंगे
- वस्त्र उद्योग सेक्टर में भी रिफॉर्म करेंगे
- इससे बुनकरों को फायदा होगा
- शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो AI समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।
- दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख AHP जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।
- ऑरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
- शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।
- पर्यटन: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।
- खगोल विज्ञान को बढ़ावा दिया जाएगा. 20 हजार युवाओं को टूरिज्म के लिए गाइड के लिए ट्रेन्ड किया जाएगा. कंटेंट क्रिएटर लैब को स्थापित किया जाएगा.
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे.
- देश में 3 नए आयुर्वेद एम्स खुलेंगे। इसके अलावा, 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना भी होगी।