वृंदावन में श्रद्धा और भक्ति की त्रिवेणी: राष्ट्रपति द्रौपदी ने नीब करौरी बाबा की समाधि पर टेका मत्था

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ हनुमान मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना, महाराज जी की कुटिया और संग्रहालय का किया बारीकी से अवलोकन
​वृंदावन। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु अपनी ब्रज यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को भक्ति और अध्यात्म के रंग में सराबोर नजर आईं। राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री नीब करौरी बाबा आश्रम के दर्शन किए और हनुमान जी के चरणों में मत्था टेका।

राष्ट्रपति का काफिला रेडिशन होटल से जब आश्रम के देवी मंदिर मार्ग से पहुँचा तो वहाँ पहले से मौजूद राधाकृष्ण पाठक, देवेन्द्र कुमार शर्मा और ग्रुप कैप्टन (से.नि.) संदीप भटेले ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल सीधे हनुमान मंदिर पहुँचे। यहाँ मुख्य पुजारी रामरूप और टी.सी. शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। राष्ट्रपति ने न केवल विधि-विधान से आरती की बल्कि मंदिर की परिक्रमा कर देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

हनुमान मंदिर में दर्शन के पश्चात राष्ट्रपति बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल पहुँचे। यहाँ का वातावरण अत्यंत भावुक और भक्तिमय था। समाधि स्थल पर अभिषेक पुजारी और नरेंद्र मोहन अग्रवाल ने राष्ट्रपति को बाबा की फोटो, पटुका और बाबा का प्रिय ‘कंबल’ भेंट कर आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया। राष्ट्रपति ने यहाँ भी परिक्रमा कर अपनी गहरी आस्था प्रकट की।

दर्शन के उपरांत राष्ट्रपति ने महाराज जी की उस पावन कुटिया के दर्शन किए जहाँ बाबा प्रवास किया करते थे। इसके बाद उन्होंने आश्रम स्थित संग्रहालय का भी भ्रमण किया। डॉ. अनुराग पाठक ने उन्हें आश्रम के गौरवशाली इतिहास और बाबा के जीवन से जुड़ी स्मृतियों का विस्तृत विवरण दिया। राष्ट्रपति ने प्रत्येक वस्तु का बारीकी से अवलोकन किया और प्रस्थान से पूर्व श्रद्धापूर्वक दान पेटिका में लिफाफा भी समर्पित किया।

इस गरिमामयी अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिलें) लक्ष्मी नारायण चौधरी और जनपद के प्रभारी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, बेसिक शिक्षा) संदीप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच राष्ट्रपति की इस यात्रा ने समूचे वृंदावन को भक्ति के उल्लास से भर दिया।