कुष्ठ रोग के खिलाफ जंग का ऐलान, मथुरा को पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प

मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जनपदवासियों से आह्वान किया है कि वे कुष्ठ रोग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन आंदोलन का रूप दें। “विकसित भारत अभियान” के तहत उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आम जनता मिलकर मथुरा को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने का संकल्प ले रहे हैं और इस दिशा में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुष्ठ रोग की पहचान करना आसान है और समय पर उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव और सामाजिक भय के कारण कई मरीज सामने नहीं आ पाते। उन्होंने सभी नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि जनपद में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग इस अभियान में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय किया जा रहा है ताकि घर-घर जाकर संभावित रोगियों की पहचान की जा सके।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारजनों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे लोगों को हीन भावना से न देखें बल्कि उन्हें सहयोग और सम्मान दें।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से जुड़ा कलंक और सामाजिक भेदभाव इस बीमारी से भी अधिक घातक है। इसे खत्म करना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रभावित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा।
अंत में जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से “भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें” की भावना के साथ शून्य सहिष्णुता की प्रतिज्ञा लेने की अपील की और कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर इस लड़ाई में नहीं उतरेगा, तब तक कुष्ठ रोग के खिलाफ निर्णायक जीत संभव नहीं है।