सड़क सुरक्षा को लेकर मथुरा में सख्ती, 297 वाहनों का चालान

यमुना एक्सप्रेस-वे पर मानक विहीन 2 स्लीपर बसें निरुद्ध

मथुरा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को लेकर जनपद में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है । इस माह को “जीरो फैटेलिटी माह” के रूप में मनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा माह के तहत शनिवार को परिवहन विभाग के समस्त प्रवर्तन दलों ने नो हेल्मेट–नो फ्यूल अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए जनपद के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रवर्तन कार्रवाई में बिना हेल्मेट, बिना सीट बेल्ट, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना इंडिकेटर लेन चेंज, नो पार्किंग, मोबाइल फोन का प्रयोग, ब्लैक फिल्म जैसे गंभीर यातायात नियम उल्लंघनों में कुल 297 वाहनों का चालान किया गया। साथ ही आमजन को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया गया। परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बिना हेल्मेट या सीट बेल्ट वाले वाहन चालकों को ईंधन न दिया जाए।
इसी क्रम में एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रथम दल के राजेश राजपूत द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे पर जांच के दौरान 02 स्लीपर बसों को मानकों के अनुरूप न पाए जाने एवं आपातकालीन गेट बंद होने के कारण निरुद्ध किया गया। एआरटीओ ने बताया कि इन बसों का परमिट निरस्त करने के लिए संबंधित परिवहन विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
परिवहन विभाग ने एनजीओ अपने स्तर से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को ग्रामीण व दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाने में सहयोग करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाई जा सके।