मथुरा में कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, काम के अधिकार पर हमला नहीं सहेगा देश

मथुरा । केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने मथुरा में मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के सेठबाड़ा स्थित कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का ऐलान करते हुए कांग्रेस नेताओं ने काम के अधिकार को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने दो टूक कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि ग्रामीण गरीबों का संवैधानिक अधिकार है। 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू यह कानून हर ग्रामीण परिवार को रोजगार की गारंटी देता है। 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देना सरकार की कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी, रविवार सुबह 11 बजे विकास मार्केट स्थित गांधी प्रतिमा पर उपवास किया जाएगा।

मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि नया VB-GRAM-G अधिनियम मनरेगा की रीढ़ तोड़ने की साजिश है। इससे काम की गारंटी खत्म होगी, पंचायतें कमजोर होंगी और मजदूरों पर आर्थिक बोझ डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज पर सीधा हमला है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा हर साल 5–6 करोड़ परिवारों को रोजगार देता है, पलायन रोकता है और महिलाओं, दलितों व वंचितों को आत्मनिर्भर बनाता है। महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है, जिसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। जिला महासचिव मनोज गौड़ ने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर देशव्यापी जन आंदोलन छेड़ेगी।

11 जनवरी: एकदिवसीय उपवास व प्रतीकात्मक विरोध

12–29 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसंपर्क

30 जनवरी से: वार्ड स्तर पर धरना

25 फरवरी तक: व्यापक आंदोलन