वृन्दावन के ‘डॉक्टर हनुमान’: जहाँ दवा नहीं, दुआ से कटते हैं असाध्य रोग!

​वृन्दावन। भगवान कृष्ण की क्रीड़ास्थली वृन्दावन न केवल आध्यात्मिक शांति, बल्कि चमत्कारिक उपचार का भी केंद्र बनती जा रही है। यहाँ दावानल कुंड के समीप स्थित ‘डॉक्टर हनुमान’ मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा में है। भक्त मानते हैं कि जहाँ बड़े-बड़े अस्पतालों की दवाएं काम करना बंद कर देती हैं, वहाँ ‘डॉक्टर हनुमान’ की एक दृष्टि ही जीवन दान दे देती है।
​40 वर्षों से बह रही है अटूट आस्था की गंगा
​करीब चार दशक पुराने इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। दावानल कुंड के पास स्थित इस सिद्ध पीठ को लेकर मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्त की कोई भी शारीरिक या मानसिक पीड़ा अधूरी नहीं रहती। मंदिर के सेवायत और पुजारी योगीराज बताते हैं कि हनुमान जी का यह स्वरूप भक्तों के कष्टों को हरने के लिए ‘वैद्य’ (डॉक्टर) के रूप में प्रतिष्ठित है।
​7 मंगलवार की हाजिरी और बीमारी छू-मंतर!
​भक्तों का अटूट विश्वास है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार सात मंगलवार तक पूरी श्रद्धा के साथ यहाँ हनुमान जी की चौखट पर माथा टेकता है, तो उसे असाध्य रोगों से मुक्ति मिल जाती है। मंदिर प्रांगण में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो अपनी लंबी बीमारियों के ठीक होने का दावा करते हैं।
​पलवल के भक्त की कहानी ने बढ़ाया विश्वास
​पुजारी जी ने बताया कि हाल ही में हरियाणा के पलवल निवासी एक भक्त, जो अपनी लाइलाज बीमारी से पूरी तरह हार चुका था, यहाँ हनुमान जी की शरण में आया। चमत्कारी रूप से उसकी सेहत में सुधार हुआ और वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। इस घटना के बाद से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है, खासकर मंगलवार को यहाँ पैर रखने की जगह नहीं होती।
​आध्यात्मिक सुकून का केंद्र
​केवल शारीरिक व्याधियां ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे लोग भी यहाँ घंटों बैठकर शांति पाते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि ‘डॉक्टर हनुमान’ के दर्शन मात्र से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
​श्रद्धालुओं का कहना है: “हम यहाँ किसी डॉक्टर की पर्ची लेकर नहीं, बल्कि हनुमान चालीसा लेकर आते हैं और बाबा हमारी बिगड़ी बना देते हैं।”