पंचायत चुनाव से पहले मथुरा में साजिश बेनकाब, फर्जी वीडियो फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन का शिकंजा, नौझील गौशाला वीडियो फर्जी निकला
मथुरा।
प्रदेश में पंचायत चुनाव नजदीक आते ही मथुरा जनपद में कुछ राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित तत्वों ने सोशल मीडिया को हथियार बना लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी रंजिश और राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी व भ्रामक वीडियो वायरल कर जनता को गुमराह करने की सुनियोजित साजिश सामने आई है।
ग्रामीण इलाकों में राशन दुकानदारों, पंचायत से जुड़े मामलों और स्थानीय विवादों को तूल देने के लिए झूठी सामग्री प्रसारित की जा रही है। इतना ही नहीं, सरकारी गौशालाओं को बदनाम करने के उद्देश्य से भी फर्जी वीडियो बनाकर सरकार और जिला प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
इस गंभीर मामले पर जिलाधिकारी सी.पी. सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक वीडियो की लगातार निगरानी की जा रही है। जो भी व्यक्ति इस प्रकार की सामग्री प्रसारित करता पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि नौझील क्षेत्र की एक गौशाला को लेकर हाल ही में वायरल हुआ वीडियो जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया है। मामले की पुष्टि होने के बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कीमत पर मथुरा की शांति व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। चाहे दोषी किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ा हो, उसके खिलाफ बिना भेदभाव के कार्रवाई होगी।
अधिकारियों ने दो टूक कहा कि मथुरा योगीराज श्रीकृष्ण की पावन नगरी है, जहां प्रेम, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा रही है। इस परंपरा को ठेस पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या खबर को बिना सत्यापन साझा न करें और संदिग्ध सामग्री की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।