पाली खेड़ा में जलभराव से त्रस्त जनता, बीमारी और बदहाली का बना अड्डा
नगर निगम की अनदेखी से मेजर ध्यानचंद मार्ग बना नर्क, 18 कॉलोनियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
मथुरा । नगर निगम मथुरा–वृंदावन के वार्ड संख्या 33 पाली खेड़ा के अंतर्गत नरसी विहार से मेजर ध्यानचंद मार्ग तक फैले क्षेत्र में गंभीर जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। इस मार्ग से जुड़ी करीब 18 कॉलोनियों और बड़े जनसमुदाय का जीवन नारकीय हालात में गुजर रहा है।
बारिश हो या सामान्य जल निकासी, सड़क पर पानी भर जाना यहां की स्थायी समस्या बन चुकी है। जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने से मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार और त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जलभराव अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि बीमारियों का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है।
स्थानीय नागरिकों ने साफ शब्दों में कहा कि मेजर ध्यानचंद मार्ग पर नाला निर्माण अत्यंत आवश्यक है। बिना नाले के जल निकासी असंभव है और हर साल यही हालात दोहराए जाते हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्रवासी एकजुट होकर नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि स्थल निरीक्षण कर तत्काल नाला निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव से मुक्ति मिले और लोग बीमारियों से बच सकें। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सवालों के घेरे में नगर निगम
जब 18 कॉलोनियां प्रभावित हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं?
हर साल समस्या के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं?
क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार है?
पाली खेड़ा के लोग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, काम चाहते हैं। अगर नगर निगम ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो यह जलभराव आने वाले समय में बड़े जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।