मथुरा। मथुरा-वृंदावन महानगर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। नगर आयुक्त जग प्रवेश के निर्देश पर वृंदावन में 600 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। इसके साथ ही वृंदावन क्षेत्र में अब कुल 1100 सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई कार्य में जुटेंगे जबकि पहले यहां केवल 500 कर्मचारी कार्यरत थे।
नगर निगम द्वारा उठाए गए इस कदम को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, धार्मिक आयोजनों और लगातार बढ़ रहे पर्यटक दबाव को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है। विशेष रूप से वीआईपी मार्ग प्रेम मंदिर से छटीकरा तक, बांके बिहारी मंदिर, परिक्रमा मार्ग, यमुना घाट, प्रमुख बाजार, पार्किंग क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
वृंदावन में सफाई कार्य का जिम्मा देश की प्रतिष्ठित कंपनी लायंस सर्विस, दिल्ली को सौंपा गया है। यह कंपनी वृंदावन शहर को दो बड़े सेक्टरों में विभाजित कर अत्याधुनिक हाईटेक ऑटोमैटिक मशीनों के जरिए सफाई कार्य करेगी। इन मशीनों से सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, कचरा उठान, धूल नियंत्रण और गहन सफाई की जाएगी जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इधर मथुरा शहर की सफाई व्यवस्था को भी समान रूप से मजबूत किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने मथुरा में सफाई कार्य देख रही किंग सिक्योरिटी लखनऊ मैसूर लिमिटेड, पुणे एजेंसी को प्रत्येक क्षेत्र में 200-200 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे आवासीय कॉलोनियों, मुख्य बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई में तेजी आएगी।
नगर आयुक्त जग प्रवेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मथुरा-वृंदावन की स्वच्छता व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई एजेंसियों की दैनिक मॉनिटरिंग, कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच और मशीनों के नियमित संचालन की समीक्षा की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई और आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि अतिरिक्त मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक के समन्वय से आने वाले दिनों में मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श धार्मिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
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