मास्टर प्लान की ग्रीनलैंड भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित, प्लॉटों की रजिस्ट्री पर रोक की मांग

मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की महायोजना-2031 में ग्रीनलैंड के रूप में दर्ज भूमि पर अवैध रूप से आवासीय कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। यह अवैध निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे थाना जैंत क्षेत्र के गांव छरोरा में किया जा रहा है जहां दो बीघा से अधिक क्षेत्रफल में भू-विभाजन कर सड़क का निर्माण करते हुए अनधिकृत कॉलोनी विकसित की गई है।
जानकारी के अनुसार उक्त भूमि खसरा संख्या 472 एवं 474 में स्थित है जो मास्टर प्लान में ग्रीनलैंड के रूप में चिन्हित है। इसके बावजूद कथित भू-माफिया विनय मित्तल द्वारा बिना किसी स्वीकृत लेआउट प्लान के प्लॉट काटकर उन्हें बेचने की तैयारी की जा रही है ।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 14 के अंतर्गत सितंबर 2023 में विनय मित्तल को नोटिस जारी कर अवैध विकास कार्य रोकने के निर्देश दिए थे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्राधिकरण ने मौके पर बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बनाई गई सड़क और प्लॉटों की बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया था।
इसके बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहने पर डैंपियर नगर निवासी वैभव गर्ग ने इस प्रकरण की विस्तृत शिकायत नवागत उपाध्यक्ष, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को पत्र के माध्यम से दी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए उपाध्यक्ष ने अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) को पत्र भेजकर संबंधित भूमि पर प्लॉटों की बिक्री एवं रजिस्ट्री तत्काल रोकने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 15 के अनुसार विकास क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पूर्व प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन उक्त नियमों की अवहेलना करते हुए बिना अनुमति कॉलोनी विकसित की जा रही है।
श्री गर्ग ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कॉलोनी में किसी भी प्रकार के बैनामा/रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।