मथुरा कलेक्ट्रेट में चेंबर तोड़े जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन, जाम से आम लोग हुए परेशान
मथुरा। कलेक्ट्रेट में वकीलों के बिस्तर तोड़े जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सोमवार को सरकारी कार्यालय खुलते ही जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों के कई गुट अलग-अलग स्थानों पर अपना आक्रोश जाहिर करते दिखाई दिए।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियो ने अपने साथियो के साथ जहां जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया तो वहीं विरोधी गुट ने पुलिस लाइन के सामने सड़क मार्ग जामकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कारियो से बातचीत करते हुए जिला अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे। पुलिस लाइन के सामने जाम के दौरान सीजेएम की गाड़ी भी फंस गई जिसको वापस जाना पड़ा। हालांकि इस बीच दो एंबुलेंस को आक्रोशित वकीलों ने बेरियर हटाकर निकाल दिया। प्रदर्शनकारी वकीलों से जिलाधिकारी ने अपने चैंबर से बाहर आकर बातचीत की।
बार एसोसिएशन के स्थानीय चुनाव के अलावा प्रदेश स्तरीय कमेटी के चुनाव के कारण अधिवक्ताओं के तोड़े गए बिस्तरों को लेकर राजनीति गर्मा गई है।

जिला प्रशासन की कार्यवाही के खिलाफ आज अधिवक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। एक दिन पूर्व जिला प्रशासन द्वारा चेंबर तोड़े जाने की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के चेंबर तोड़ना प्रशासन की मनमानी और तानाशाही रवैये को दर्शाता है। उनका कहना है कि वर्षों से स्थापित चेंबर न केवल उनकी रोज़ी-रोटी का साधन हैं बल्कि न्याय व्यवस्था की एक अहम कड़ी भी हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा अचानक की गई यह कार्रवाई सीधे तौर पर अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों पर हमला है।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर कानून के रखवालों को ही दरकिनार किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी के चलते काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। सड़क पर जाम के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।