महापौर की अध्यक्षता में अधिकारी- पार्षदों की निगरानी कमेटी गठित
मथुरा । प्रदेश में जिस तरह नदियों में शव बहाए जा रहे हैं उसको लेकर शासन-प्रशासन बहुत चिंतित है मथुरा में भी यमुना नदी में शव बहाए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम के मेयर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है जोकि यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सूरत में यमुना में शव प्रवाहित नहीं किए जाए। इस संबंध में मथुरा-वृन्दावन नगर में भी ये निगरानी रखी जायेगी कि किसी शव को यमुना नदी में प्रवाहित या जल समाधि तो नही दी जा रही है। इसे रोकने के लिए महापौर डा. मुकेश आर्य बन्धु की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति में नगरायुक्त सहित अपर नगर आयुक्त, सहायक अभियंता वि/यां, उपाध्यक्ष कार्यकारिणी समिति तथा 10 पार्षदगणों को शामिल किया गया है। बैठक में सैनेटाइजेशन, फागिंग, चूना छिड़काव, शवों के दाह संस्कार, सफाई सहित अनेक मुद्दों पर भी चर्चा की गयी।
नगर निगम में आयोजित बेव-बैठक में सोमवार को महापौर की अध्यक्षता में शासन के निर्देश पर एक समिति का गठन किया गया। यह समिति शवों को नदियों में जल समाधि या नदी में प्रवाहित करने से रोकने का काम करेगी और इस पर पूरी निगरानी रखेगी। समिति में शासन के निर्देशानुसार महापौर डा. मुकेश आर्यबन्धु अध्यक्ष, नगरायुक्त अनुनय झा संयोजक/सचिव राधाकृष्ण पाठक उपाध्यक्ष कार्यकारिणी समिति सत्येन्द्र तिवारी अपर नगर आयुक्त एवं अनिल रंजन-सहायक अभियंता वि/या समिति सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त महापौर द्वारा समिति में नामित 12 पार्षदों में रामदास चतुर्वेदी हेमन्त अग्रवाल कुलदीप सिंह मुन्ना निषाद रसिक बल्लभ तिलकवीर रवि यादव आकाश महावर राजवीर सिंह तुलसीराम को शामिल किया गया है।
नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत होती है और उसका परिवार दाह संस्कार में सक्षम नहीं है तो निगम द्वारा उसके परिवार को अधिकतम पांच हजार रुपये तक की सहायता अन्तेष्टि क्रिया हेतु दी जा रही है। गठित समिति द्वारा समय-समय पर यमुना नदी किनारे क्षेत्रों एवं शवदाहगृहों का निरीक्षण किया जायेगा। इसके अतिरिक्त यमुना पार मोक्षधाम पर लकडी संग्रहण हेतु स्टोर का निर्माण कराया गया है, शवों की अन्त्येष्टि हेतु ध्रूवघाट पर नवीन रैंपों का निर्माण कार्य कराया गया है। नगर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाते हुए सफाई, सैनेटाइजेशन, चूना छिड़काव, एंटीलार्वा छिडकाव, फॉगिंग तथा यमुना घाटों पर प्रतिदिन सैनिटाइजेशन एवं छिडकाव कराया जा रहा है।