मथुरा में बड़ी कार्रवाई : पराली जलाने वाले किसानों को भेजा जेल, जुर्माना

मथुरा। जनपद में पराली जलाने की घटना पर अंकुश लगाने के लिए जहां जिला प्रशासन ने बी डी ओ और ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन की कार्रवाई तेज कर दी है वही कई किसानों को जेल भेजना भी शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं पांच किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया।
जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते जनपद में किसी भी स्थान पर पराली नहीं जलाई जा सकती। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार छाता और गोवर्धन क्षेत्र में करीब 55 स्थान पर पराली जलाई गई है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह स्वयं पराली जलाने की घटना को रोकने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को समझा रहे हैं। जिला अधिकारी का कहना है कि सेटेलाइट के माध्यम के अलावा अन्य स्रोतों से भी पराली जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
बुधवार को डीएम एसएसपी छाता और गोवर्धन क्षेत्रों में गए। दोनों अधिकारियों ने किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों से ग्रामीणों को अवगत कराया।
जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी सीपी सिंह ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये है। इसी क्रम में पराली जलाए जाने की सूचना पर एसडीएम सदर ने चार किसानों पर जुर्माना लगाया। किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक भी किया गया।
एसडीएम सदर अभिनव जे जैन व तहसीलदार सदर जितेंद्र सिंह ने मथुरा के गांव तोष, जिखनगांव, जचैंदा आदि गांवों में किसानों को पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के संबंध में जानकारी दी गई। गांवों में मुनादी कराकर पराली न जलाने की अपील की गई। गांव राल, ओल, धाना जीवना, थिरावली व सरूरपुर में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने की सूचना मिलने पर आग बुझवाकर अवशेष को गोशाला में भिजवाया गया। चार किसानों पर जुर्माना लगाया गया। धाना शमसाबाद, धर्मपुरा व अन्य गांवों में मुनादी करा व पर्चा लगाकर किसानों से पराली जलाने के बजाय अवशेषों को प्रशासन के खर्चे से गोशालाओं में भिजवाने की अपील की गई। प्रतिबंध के बाद भी ग्रामीण अंचल में पराली जलाने की घटनाएं नहीं थम रही हैं। जिलाधिकारी ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में लापरवाही बरतने पर छाता के बुखरारी के ग्राम विकास अधिकारी नीरज कुमार और कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक नरेंद्रपाल सिंह को निलंबित कर दिया। चार किसानों पर जुर्माना भी लगाया है।
डीएम ने गांवों में जाकर किसानों को जागरूक भी किया। 20 अक्तूबर को सेटेलाइट के माध्यम से ग्राम पंचायत बुखरारी में पराली में आग लगने की दो घटनाओं की सूचना मिली थी। इस संबंध में एसडीएम छाता ने भी रिपोर्ट दी थी। जब राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने स्थलीय निरीक्षण किया तो वीडीओ नीरज कुमार उपस्थित नहीं मिले। इस पर डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने वीडीओ के निलंबन के आदेश दिए हैं। कार्रवाई के बाद डीडीओ ने वीडीओ छाता को कार्यमुक्त कर उनका चार्ज किसी अन्य को सौंपने का निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि पराली की घटनाओं पर विशेष निगरानी करें, अगर किसी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरी ओर उपनिदेशक कृषि वसंत कुमार दुबे ने ग्राम पंचायत भरनाखुर्द, चौमुंहा में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पाने पर विभाग के प्राविधिक सहायक नरेंद्रपाल सिंह को निलंबित करने के आदेश किए हैं। खेतों में पराली जलाने पर एसडीएम सदर अभिनव जे जैन ने चार किसानों पर जुर्माना लगाया। भरनाखुर्द के लेखपाल पवन कुमार को भी पराली जलाने की घटनाओं को नहीं रोक पाने के कारण एसडीएम गोवर्धन प्राजक्ता त्रिपाठी ने निलंबित कर दिया था। छाता एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता भी कम होती है और वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। गांव फालैन में गांव-गांव में बैठक कर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है।