संजय गौड़
मथुरा। । जीएसटी को युक्ति संगत बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों के समूह (जी.ओ.एम) ने 12 और 28 फ़ीसदी के स्लैब को समाप्त करने की मंजूरी देने से आम उपभोक्ता में उम्मीद की नई किरण का संचार हुआ है । अब सिर्फ दो स्लैब 5 और 18 फीसदी रखने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है सिर्फ विलासिता से संबंधित वस्तुएं ही 40 फीसदी वाले कर के दायरे में आएंगी । 99 फीसदी वस्तुओं पर पहले 12 फीसदी कर लगता था । यह अब पांच फीसदी वाले स्लैब में आ जाएंगे। इसी तरह 28 फीसदी वाली 90 वस्तुएं 10 फीसदी सस्ती हो जाएंगी। जीएसटी में इस बदलाव से मध्यम वर्ग किसान और एमएसएमई को बड़ी राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने पांच-सात वस्तुओं पर 40 फ़ीसदी कर लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसमें महंगी कार अल्ट्रा लग्जरी उत्पादों पर 40 फीसदी के अतिरिक्त भी कर लगाया जा सकता है। जी ओ एम एम के इस फैसले को सभी राज्यों ने तहे दिल से स्वीकार किया है।
बताते चलें कि अभी जीएसटी में चार स्लैब 5 फीसदी 12 फीसदी 18 फीसदी और 28 फीसदी कर लेने की व्यवस्था थी। खाद्य पदार्थों पर या तो शून्य या पांच फीसदी जीएसटी लगता है। जबकि विलासिता व अहितकर वस्तुओं पर 28 फीसदी कर लगता है। 5 फीसदी जीएसटी के दायरे में आने से सूखे मेवे ब्रांडेड नमकीन दूध पाउडर टूथपेस्ट साबुन हेयर ऑयल सामान्य एंटीबायोटिक दर्द निवारक दवाएं प्रोसैस्ड फूड स्नैक्स फ्रोजन सब्जियां कंडक्ट दूध कुछ मोबाइल कंप्यूटर सिलाई मशीन प्रेशर कुकर गीजर जैसी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। जबकि इलेक्ट्रिक आयरन वैक्यूम क्लीनर 1000 रूपये से अधिक के रेडीमेड कपड़े 500 से 1000 रूपये तक वाले जूते वैक्सीन एचआईवी टीवी डायग्नोस्टिक किट साइकिल बर्तन पर भी टैक्स कम लगेगा तो वही ज्योमेट्री बॉक्स नक्शे ग्लोब ग्लेज टाइल्स प्री फैब्रिकेटेड बिल्डिंग मैटेरियल वेंडिंग मशीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन कृषि मशीनरी सोलर वाटर हीटर जैसे उत्पाद भी 5 फीसदी टैक्स में शामिल हो जाएंगे। सीमेंट ब्यूटी प्रोडक्ट चॉकलेट रेडी मिक्स कंकरीट टीवी फ्रिज वाशिंग मशीन एक डिशवॉशर निजी विमान प्रोटीन कंसंट्रेट चीनी सिरप कॉफी कंसंट्रेट प्लास्टिक प्रोडक्ट रबर टायर अल्युमिनियम फाइल टेंपर्ड ग्लास प्रिंटर रेजर मेनीक्योर किट आदि पर 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी टैक्स लगेगा। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से 1.98 लाख करोड रुपए की खपत को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि इससे सरकार को प्रतिवर्ष 85 हजार करोड रुपए के राजस्व का नुकसान भी हो सकता है।
द ट्रेडर्स एसोसिएशन मथुरा के संयोजक चिराग अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी एस टी कर प्रणाली में भारी बदलाव किए जाने के प्रस्ताव का व्यापारी समाज ने स्वागत किया है।
चिराग अग्रवाल ने बताया कि जी एस टी की दरें कम होने ओर इनका स्लैब घटाने से अधिकांश चीजें सस्ती हो जाएंगी एवं इससे भारत के करोड़ों व्यापारियों का व्यापार बढ़ेगा और देश की करोड़ों जनता को महंगाई से राहत मिलेगी।
सचिन चतुर्वेदी प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल ने सरकार के मंत्री समूह की बैठक में जीएसटी के दो स्लैब खत्म करने के फैसले को स्वागत योग्य बताया है । उन्होंने कहा है कि सरकार का फैसला व्यापारियों के हित में लिया गया ऐतिहासिक कदम है जीएसटी के दो स्लैब खत्म होने से व्यापारियों को बहुत हद तक राहत मिलेगी। व्यापार मंडल की ओर से जीएसटी के दो स्लैब खत्म करने की मांग काफी समय से की जा रही थी ।