अनुज सिंघल
फरह। चिटफंड कंपनियों में डूबी धनराशि वापस लेने के लिये 20 राज्यों से आये हजारों पीडितों ने शहजादपुर स्थित कल्पतरु मॉल की बिल्डिंग के पास धरना प्रदर्शन किया। ये सभी बड्स एक्ट कानून 2019 के तहत सरकार से ऐसी कम्पनियों द्वारा लोगों से ठगे गये पैसे की वापसी की मांग कर रहे थे। धरना प्रदर्शन के दौरान इन्होंने पीएम पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया एवं ठगी गई धनराशि नहीं मिलने पर संसद भवन घेरने की चेतावनी दी।
यूपी, पंजाब, मध्यप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक समेत 20 राज्यों से बसों में भरकर आये हजारों की संख्या में लोग सुबह से ही हाईवे के किनारे जमा हो गये। इनकी मांग थी कि भुगतान की गारंटी के अधिकारी कानून अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम 2019 के तहत प्रत्येक ठगी पीडित निवेशकों की जमाराशि का 2 से 3 गुना भुगतान किया जाना चाहिये।
कल्पतरू, सहारा, पर्ल्स, जीएन गोल्ड, कुबेर समेत दर्जनों चिटफंड कंपनियों द्वारा हडपी करीब 50 हजार करोड़ की ठगी की गई रकम को वापस देने की बात करते हुए लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में पारित कानून का पालन कराने की मांग की।
ठगी पीडित जमाकर्ता परिवार के जिलाध्यक्ष सूरजपाल राघव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वांदा- खिलाफी का आरोप लगाते हुये कहा कि सैकङों चिट फंड कंपनियों ने लोगों का धन हड़पा है, केंद्र सरकार कार्रवाई के नाम पर कई साल से चुप बैठी है। तहसील अध्यक्ष महीपाल ने कहा कि सरकार कभी डीएम को आगे बढ़ा देती है तो कभी कार्रवाई के नाम पर ईडी को आगे कर देती है। सरकार का यह रवैया कई सालों से पीडितों को परेशान कर रहा है। अगर धनराशि वापस ना मिली को जल्द 20 राज्यों के हजारों लोग दिल्ली कूंच कर संसद भवन का घेराव करेंगे। इस आंदोलन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा, हाईवे पर यातायात को भी निकलवाने में पुलिसकर्मी जुटे रहे। इस दौरान नायब तहसीलदार पंकज यादव, सीओ श्वेता वर्मा आदि मौजूद रहे। समिति ने अपना ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
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