मथुरा पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग में लगेंगी परिक्रमार्थियों को ठोकरें

मथुरा। एक तरफ उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद पौराणिक स्थलों को सजाने और संवारने में जुटी हुई है, वहीं उसकी मंशा को कार्यदायी कंपनियां बट्टा लगाने में पीछे नहीं हैं।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है। फिलहाल मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा को सुधारने का कार्य चल रहा है। इस कार्य को कर रही निर्माणाधीन कंपनी ने पूरी तरीके से बट्टा लगाकर रख दिया है। सरस्वती कुंड हनुमान मंदिर से लेकर चामुंडा मंदिर के मुख्य द्वार तक पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण में पूरी तरह से अनदेखी करते हुए टायल के ऊपर ही टायल लगा दी हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार मना करने के बाद भी कंपनी हठधर्मिता दिखाते हुए इस निर्माण में घोर लापरवाही बरती है। उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद ने इस पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग का निर्माण परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए करवाया है, जिससे कि परिक्रमार्थियों को ठोकर नहीं लग सके और आसानी से परिक्रमा पूरी कर सकें। पर अब तो कदम कदम पर ठोकर लगेगी, कारण कि टायल के ऊपर टायल लगाकर कंपनी ने केवल निर्माण का कोरम पूरा कर दिया है। पार्षद राकेश भाटिया का कहना है कंपनी के कर्मचारी से पुराने टायल उखाड़कर नए लगाने को कहा गया था, फिर भी कंपनी ने इसे अनदेखा किया। उसकी शिकायत परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र से दूरभाष की गई थी। पार्षद ने उपाध्यक्ष से मांग की है एक बार कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर ही कंपनी का भुगतान किया जाए।

पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण तो चल रहा है, पर कंपनी सीवर के मैनहोल के ढक्कनों को ऊपर करना भूल गई है। साथ ही यह ढक्कन भी मार्ग के लेबल में हो जाएं तो इससे कोई हादसा होने से बच जाएगा। एस्टीमेट के मुताबिक जीएसबी भी कम मात्रा में डाली गई जिससे टायल की पकड़ कम मजबूत होगी, वहीं जल्द ही यह टायल उखड़ने लग जाएगी।