दशहरा पर यमुना घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, नगर आयुक्त खुद मोर्चे पर—24 घंटे सफाई व सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मथुरा। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धर्मनगरी मथुरा के यमुना घाटों पर बुधवार को आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु परिवार सहित घाटों पर पहुंचे और श्रद्धा-भक्ति के साथ यमुना में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। भीड़ के मद्देनजर नगर निगम मथुरा-वृन्दावन ने व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए। हालात की जमीनी हकीकत परखने के लिए नगर आयुक्त जग प्रवेश स्वयं पूरे दल-बल के साथ दिनभर घाटों पर डटे रहे।
नगर आयुक्त जग प्रवेश ने निरीक्षण की शुरुआत यमुना पार के कच्चे घाटों से की, जहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इसके बाद उन्होंने अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ नाव द्वारा दाऊजी घाट, ध्रुव घाट, स्वामी घाट, असकुंडा घाट, विश्राम घाट, राजा घाट और बंगाली घाट का दौरा किया। जलमार्ग से निरीक्षण करते हुए उन्होंने सुरक्षा इंतजामों, गोताखोरों की तैनाती और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया तथा अधिकारियों को व्यवस्थाएं हर हाल में दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
गंगा दशहरा को देखते हुए नगर निगम ने घाटों और उनसे जुड़े मार्गों पर 24 घंटे विशेष सफाई महा-अभियान चलाया। अतिरिक्त सफाई कर्मियों और विशेष टीमों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया, ताकि कहीं भी गंदगी या धूल नजर न आए और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए घाटों पर व्यापक बैरिकेडिंग की गई।
घाटों पर चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल के टैंकर, मोबाइल टॉयलेट, प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए। नगर निगम की टीम पूरे दिन व्यवस्थाओं की निगरानी करती रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर निगम के 15 दिवसीय विशेष महा-अभियान के तहत नगर आयुक्त जग प्रवेश ने स्वयं घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता की किया गया। वहीं लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जाती रही।
शपथ दिलाई।
“स्वच्छ और सुंदर ब्रज का निर्माण हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। यमुना जी की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पूजन सामग्री और प्लास्टिक कचरा नदी में न डालें, बल्कि निर्धारित पात्रों में ही डालें।”
— जग प्रवेश, नगर आयुक्त
इस दौरान समाजसेवी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, पार्षद यतेंद्र माहौर, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, अवर अभियंता (जल) अजय कुमार, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी महेश चंद्र सहित नगर निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।