बदलाव के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे स्कूल के बच्चे, धार्मिक आयोजनों में प्रसाद के साथ स्वच्छता का भी रखें ध्यान: ओजस्वी राज

​मथुरा । नगर निगम मथुरा-वृन्दानव एवं प्रोजेक्ट मथुरा के संयुक्त प्रयास से आयोजित “क्लाइमेट पे चर्चा 2-0” में ब्रज के भावी कर्णधारों ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की। शहर के 11 प्रमुख विद्यालयों के इको क्लबों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम को एक ‘संसदीय सत्र’ की तरह आयोजित किया गया, जहां पूरा सभागार ‘हाउस’ के रूप में बदला नजर आया। मंच पर मौजूद नगर निगम के अधिकारी और प्रोजेक्ट मथुरा की टीम ‘बोर्ड’ की भूमिका में थी, जबकि हर स्कूल ने एक ‘स्टेट’ (राज्य) के रूप में अपनी बात रखी।

​समीक्षा चरण (वेस्ट मैनेजमेंट) विषय पर पहले दौर में ‘क्लाइमेट पे चर्चा 1.0’ के कार्यों की समीक्षा हुई। वीडियो और प्रजेंटेशन के दम पर आर्मी पब्लिक स्कूल ने प्रथम, रमनलाल शोरावाला पब्लिक स्कूल ने द्वितीय और कान्हा माखन मिलेनियम स्कूल ने तृतीय स्थान हासिल किया।

पुराने अखबारों से पेपर बैग बनाने का सुझाव देने वाली बिरला स्कूल की सान्वी, जरूरत से ज्यादा खरीदारी पर रोक लगाने की बात कहने वाली माउंट लिटेरा जी स्कूल की वैष्णवी और कपड़े के बैग के नियमित इस्तेमाल पर जोर देने वाली संस्कार पब्लिक स्कूल की रिया को ‘ग्रीन इनोवेटर अवॉर्ड’ से नवाजा गया।

प्लास्टिक मुक्त पर्यटन पर विचार रखने के लिए माउंट हिल स्कॉलर्स की अवनी (मोबाइल ऐप का सुझाव), रमनलाल शोरावाला की ज्योति (टूरिस्ट गाइड के जरिए संदेश) और जयपुरिया स्कूल की अनामिका (नुक्कड़ नाटक का सुझाव) को ‘इको लीडरशिप अवॉर्ड’ दिया गया ।

​”जो सीखें, उसे समाज तक ले जाएं”
अपने कार्यकाल के पहले ही दिन बच्चों के बीच पहुंचे नए नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने इस पहल को अद्भुत बताया। उन्होंने कहा, “बदलाव तभी आएगा जब हर व्यक्ति अपने शहर की जिम्मेदारी खुद लेगा। बच्चों की यह ऊर्जा देखकर मैं बेहद उत्साहित हूं।”
वहीं अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने एक जरूरी मुद्दे की तरफ ध्यान खींचते हुए कहा कि लोग धार्मिक आयोजनों में प्रसाद तो बांटते हैं, लेकिन उसके बाद होने वाले कचरे को डस्टबिन तक पहुंचाना भी हमारी ही जिम्मेदारी है।

‘क्लाइमेट पे चर्चा 3.0’
​प्रोजेक्ट मथुरा के संस्थापक सीए विपुल अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम के साथ मिलकर व्यवहार परिवर्तन (Behavioral Change) की यह मुहिम लगातार जारी रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त के बाद ‘क्लाइमेट पे चर्चा 3.0’ का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए प्रोजेक्ट मथुरा की टीम पहले ही स्कूलों में जाकर वर्कशॉप करेगी। स्वच्छता विशेषज्ञ ऋषभ दुबे ने इस दौरान बर्तन बैंक, डोनेशन सेंटर और फूड बैंक जैसी पहलों की उपयोगिता समझाई। कार्यक्रम का समापन नटराज थिएटर ग्रुप के एक दमदार नुक्कड़ नाटक के साथ हुआ।

​इस पूरे भव्य और अनोखे संसदीय कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन प्रोजेक्ट मथुरा की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के स्वयंसेवकों श्री , मनीष, अर्पिता, अमन, केशव, उदय, देवेंद्र, साक्षी, जसमिंदर, दिव्या, नवज्योति एवं आशीष का विशेष योगदान रहा।