Income Tax: कौन-सा फॉर्म भरें? भूल जाइए सारी टेंशन, अब इनकम टैक्स पोर्टल खुद ढूंढ कर देगा सही फॉर्म

मुंबई । इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय सबसे जरूरी कदम सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना होता है। अगर कोई भी टैक्सपेयर बिना समझे गलत फॉर्म भर देता है, तो रिटर्न की प्रक्रिया पूरी होने में काफी देर हो सकती है। कई बार तो आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है। इसी समस्या को हल करने के लिए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऐसी सुविधा दी गई है, जो आपकी इनकम और टैक्स प्रोफाइल के आधार पर सही आयकर रिटर्न फॉर्म चुनने में मदद करती है।

आयकर विभाग की ओर से शुरू की गई यह सुविधा उन सभी करदाताओं के लिए उपलब्ध है, जिनका पैन नंबर वैध है और जो ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। चाहे आप सैलरीड कर्मचारी हों, पेंशनभोगी, फ्रीलांस या बिजनेस ओनर, सभी लोग इस फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे चुने सही आईटीआर फॉर्म?
अब टैक्सपेयर्स के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि वे सही आईटीआर का चुनाव कैसे करें? इसके लिए सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद ई-फाइल मेन्यू को सेलेक्ट करें, वहां आपको इनकम टैक्स रिटर्न का विकल्प मिलेगा। अब असेसमेंट ईयर सेलेक्ट करें और ऑनलाइन फाइलिंग मोड का चयन करें। इसके बाद टैक्सपेयर स्टेट्स जैसे- Individual, HUF या अन्य विकल्प चुने। इसके बाद पोर्टल आपसे पूछेगा कि क्या आपको पहले से पता है कि कौन-सा आईटीआर फॉर्म आपको फाइल करना है।

अगर आपको पहले से आईटीआर फॉर्म की जानकारी है, तो आप उसे सेलेक्ट कर सकते हैं। अगर आपको यह भी पता है कि कौन-कौन से शैड्यूल भरने हैं, तो उन्हें चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। अगर शैड्यूल को लेकर कंफ्यूजन हैं, तो लर्न मोर पर क्लिक करें। यहां कुछ आसान सवाल पूछे जाएंगे और आपके जवाब के आधार पर पोर्टल खुद जरूरी शैड्यूल सेलेक्ट करेगा।

टैक्सपेयर्स को कैसे मदद करता है पोर्टल?
इनकम टैक्स रिटर्न पोर्टल पर मौजूद एक खास सुविधा टैक्सपेयर्स की सबसे बड़ी उलझन को दूर कर सकती है। अक्सर लोग तमाम नियम और योग्यता की शर्तें पढ़ने के बाद भी यह तय नहीं कर पाते कि उन्हें कौन-सा आईटीआर फॉर्म भरना चाहिए। ऐसे यूजर्स की मदद के लिए पोर्टल पर ‘स्टिल नॉट क्लियर, लेट उस हेल्प यू’ का एक बेहतरीन विकल्प दिया गया है।

इस ऑप्शन को सेलेक्ट करते ही सिस्टम यूजर से कुछ बेहद सामान्य और बुनियादी सवाल पूछता है, जैसे कि उनका रेजिडेंशियल स्टेटस क्या है, क्या उन्हें हाउस प्रॉपर्टी से कोई कमाई होती है, क्या उनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम है या फिर उनकी आमदनी के दूसरे सोर्स कौन-से हैं। टैक्सपेयर जैसे ही इन आसान से सवालों के जवाब पोर्टल पर दर्ज करता है, सिस्टम उनके द्वारा दी गई जानकारी का आकलन करके खुद-ब-खुद उनके लिए सबसे सही और उपयुक्त आईटीआर Form का सुझाव दे देता है।

इसके बाद क्या करना होगा?
जब आप सही आईटीआर फॉर्म का चुना कर लें, तो लेट्स गेट स्टारटेड पर क्लिक करके रिटर्न फाइलिंग शुरू कर सकते हैं। आयकर रिटर्न फॉर्म भरते समय पोर्टल आपकी टैक्स प्रोफाइल के अनुसार कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता है। सभी जानकारी ध्यान से भरने के बाद एक बार पूरी जानकारी की जांच करें और फिर ई-वेरिफिकेशन पूरा करके रिटर्न सबमिट कर दें।