मथुरा में सख्त एक्शन: लखनऊ अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड पर प्रशासन ‘, आधा दर्जन कोचिंग-लाइब्रेरी सील
सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में BSA कॉलेज क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी; होटल संचालकों को भी थमाए नोटिस, मची खलबली
मथुरा। राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद धर्मनगरी मथुरा में भी जिला प्रशासन पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर आ गया है। छात्रों और आम जनता की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र के नेतृत्व में एक बड़ी संयुक्त टीम ने बीएसए (BSA) कॉलेज क्षेत्र के आसपास संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई कोचिंग संचालक अपने सेंटरों पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए।
मंगलवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई में सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण फायर ब्रिगेड विभाग, आवास विकास परिषद और भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने जब कोचिंग हब कहे जाने वाले बीएसए कॉलेज रोड पर अचानक दस्तक दी, तो संचालकों के होश उड़ गए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में फायर सेफ्टी मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आवश्यक एनओसी की बारीकी से पड़ताल की।
कई नामचीन कोचिंग संस्थानों के पास फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं था। कुछ स्थानों पर आपातकालीन निकास के रास्ते बंद थे या बेहद संकरे थे, जो किसी भी हादसे के वक्त बेहद जानलेवा साबित हो सकते थे। सुरक्षा मानकों की इस गंभीर अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही आधा दर्जन कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील करने के आदेश दे दिए।
प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक ही सीमित नहीं रही। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इसी मार्ग पर व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे सभी तरह के होटलों की भी जांच की गई है। सुरक्षा और एनओसी से जुड़े मानकों में कमियां पाए जाने पर इन सभी होटलों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने साफ और कड़े शब्दों में कहा कि ”छात्रों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन भी संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ इसी तरह कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद जिले भर के कोचिंग माफियाओं और अवैध रूप से चल रहीं लाइब्रेरियों में दहशत का माहौल है। कई संचालक आनन-फानन में अपने फायर सेफ्टी उपकरण और कागजात दुरुस्त करने की कवायद में जुट गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान रुकने वाला नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा।