20 साल बाद मिली नौकरी—सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 21 शिक्षकों की नियुक्ति

2005 भर्ती विवाद का अंत, चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर

मथुरा (राजपथ मथुरा ब्यूरो)। करीब दो दशक से चले आ रहे शिक्षक भर्ती विवाद में आखिरकार चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल गई। के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने 21 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश जारी होते ही लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद विज्ञान और गणित विषय के कुल 21 अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त किया गया है। इनमें 11 अभ्यर्थियों को विज्ञान तथा 10 अभ्यर्थियों को गणित विषय में तैनाती दी गई है। सभी चयनित शिक्षकों को जिले के विभिन्न विकास खंडों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया गया है।

नियुक्ति सूची में नौहझील, फरह, छाता, राया, मांट और नगला लोका सहित कई क्षेत्रों के विद्यालय शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों में एक महिला और 20 पुरुष शामिल हैं। सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सात दिन के भीतर आवश्यक अभिलेखों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करें।
गौरतलब है कि यह नियुक्ति लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद संभव हो सकी है। वर्ष 2005 की भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थी वर्षों से न्यायालयों के चक्कर काट रहे थे। अब 21 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलने से जहां उनका लंबा इंतजार समाप्त हुआ है, वहीं बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।