30 घंटे बाद मिले ‘जोजो-जानी’, कलाकार राहुल मिश्रा ने खुद खोज निकाले चोरी हुए मुखौटे

ई-रिक्शा चालक बैग लेकर हुआ था गायब, माफी मांगने पर कलाकार ने कार्रवाई से किया इनकार

वृंदावन। संत प्रेमानंद के समक्ष अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन कर चर्चा में आए जयपुर के कलाकार राहुल मिश्रा के ‘जोजो-जानी’ मुखौटे चोरी होने के लगभग 30 घंटे बाद सकुशल बरामद हो गए। खास बात यह रही कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कलाकार ने ई-रिक्शा चालक के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया।

जानकारी के अनुसार जयपुर निवासी कलाकार राहुल मिश्रा गुरुवार रात अपने साथियों के साथ पुरुषोत्तम मास में परिक्रमा करने वृंदावन आए थे। प्रेम मंदिर के सामने स्थित एक गेस्ट हाउस में कमरा बुक कराने के लिए वह ई-रिक्शा से उतरे और अपना बैग वाहन में ही भूल गए। बैग में उनकी कला प्रदर्शन के प्रमुख आकर्षण ‘जोजो’ और ‘जानी’ के मुखौटे रखे हुए थे। जब राहुल बाहर लौटे तो ई-रिक्शा चालक बैग सहित गायब था।

मुखौटों के गायब होने से परेशान राहुल मिश्रा ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से मदद की गुहार लगाई। हालांकि उन्होंने अपने स्तर पर भी तलाश जारी रखी। गेस्ट हाउस प्रबंधक पिंटू की सलाह पर राहुल और उनके चार साथी दो बाइकों से अलग-अलग मार्गों पर ई-रिक्शा चालक की खोज में निकल पड़े।

शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे उनके साथियों को प्रेम मंदिर क्षेत्र में संदिग्ध ई-रिक्शा दिखाई दिया। सूचना मिलते ही राहुल भी मौके पर पहुंच गए और चालक का पीछा शुरू किया गया। रात करीब एक बजे बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में चालक को रोक लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि बैग उसके घर पर रखा हुआ है।

इसके बाद चालक सभी को अपने घर ले गया, जहां उसने कमरे में तिरपाल के नीचे बैग छिपाकर रखा था। रात करीब तीन बजे बैग बरामद हुआ। बैग खोलकर देखा गया तो उसमें रखे ‘जोजो’ और ‘जानी’ दोनों मुखौटे सुरक्षित मिले। अपने कला उपकरणों को सकुशल पाकर राहुल मिश्रा ने राहत की सांस ली।

राहुल मिश्रा ने बताया कि ई-रिक्शा चालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली थी। इसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न कराने का निर्णय लिया और बैग बरामद होने की सूचना पुलिस को देकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। यह घटनाक्रम वृंदावन में चर्चा का विषय बना रहा, जहां कलाकार की लगन और मुखौटों के प्रति उनके लगाव ने आखिरकार उन्हें सफलता दिला दी।