मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहा था साइबर ठगी का खेल, संविदा कर्मी समेत 5 गिरफ्तार
बंद जन-धन खातों का मोबाइल नंबर बदलकर जारी कराते थे एटीएम, देशभर की ठगी का पैसा मथुरा के खातों में आता था
मथुरा। जनपद में बैंक खातों के जरिए चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा से जुड़े एक संविदा कर्मचारी समेत पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बैंक में डेस्क पर कर्मचारियों को चाय-पानी देने वाला संविदा कर्मी ही अंदर की जानकारी का फायदा उठाकर साइबर ठगों के लिए बैंक खातों का जाल बिछा रहा था।
पुलिस ने रविवार सुबह करीब 10:30 बजे थाना हाईवे क्षेत्र की बैकुंठ विहार कॉलोनी से आरोपियों को दबोचा। इनके कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, 1 बैंक पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 1 क्यूआर कार्ड और 2 चेक बुक बरामद की गई हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नीरज, जो बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा में संविदा कर्मचारी था, लंबे समय से बंद पड़े जन-धन खातों को निशाना बनाता था। वह इन खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर नए एटीएम कार्ड जारी कराता था और खातों का पूरा एक्सेस अपने साथियों को दे देता था। इसके बाद देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी और गिरोह के सदस्य एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह एक बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले करीब 25 हजार रुपये तक कमीशन लेता था। इसी तरह दर्जनों खातों के जरिए लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क मथुरा से बाहर भरतपुर और जयपुर तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने जयपुर निवासी भीमू चौधरी का नाम भी लिया है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें नीरज (संविदा बैंक कर्मचारी), मुकुल सिंह, विक्रांत कुमार, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूरा और अनिकेत शामिल हैं।
कार्रवाई साइबर क्राइम थाना मथुरा की टीम ने की, जिसमें प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद, निरीक्षक अमित चौहान और तकनीकी टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।
मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहे इस साइबर फ्रॉड के खुलासे ने सुरक्षा व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।