लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूबे के अन्नदाताओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 2.51 लाख किसान परिवारों के बैंक खातों में 285 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति राशि सीधे हस्तांतरित की। यह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत उन किसानों को दी गई है, जिनकी फसलें अतिवृष्टि या सूखे की मार से प्रभावित हुई थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्राकृतिक और खतरनाक होती है, जिसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सरकार का लक्ष्य किसान को टूटने से बचाना है। उन्होंने कहा मनुष्य की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ा संबल बनती है। फसल बीमा का प्रीमियम बहुत छोटा होता है, लेकिन संकट के समय यह लाखों की भरपाई करता है।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पहले आपदा आने पर किसानों का कोई पुरसाहाल नहीं होता था।
”2015-16 के दौर में हमने देखा है कि किसानों के खातों में मुआवजे के नाम पर मात्र दो या चार रुपये आते थे, जो कि अन्नदाता का अपमान था। आज सरकार बदलते ही व्यवस्था बदली है। अब आपदा के मात्र 24 घंटे के भीतर पीड़ित को सहायता राशि पहुँचाने की सख्त कार्यवाही की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्वयं देखा कि किसानों को उनके नुकसान के आधार पर ₹88,000 से लेकर ₹2,11,000 तक की बड़ी राहत राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पैसा किसानों के पसीने की कमाई और उनके भविष्य की सुरक्षा है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि मंत्री ने भी उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में आए बदलावों और तकनीक के माध्यम से किसानों तक पहुँच रही सरकारी योजनाओं की सराहना की।