लापरवाही बर्दाश्त नहीं, फरियादियों को न लगवाएं दफ्तरों के चक्कर: मंडलायुक्त

गोवर्धन तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में सख्त दिखे कमिश्नर नगेंद्र प्रताप सिंह

– शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश, मौके से ही मौके पर भेजी टीमें

​गोवर्धन (मथुरा)। गोवर्धन तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह के तेवर काफी सख्त नजर आए। जनसुनवाई की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई अक्षम्य होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता फरियादियों को तुरंत न्याय दिलाना है, उन्हें एक ही समस्या के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों की दौड़ न लगानी पड़े।

सुनवाई के दौरान जब एक दिव्यांग किसान ने खेत की नाली बाधित होने की समस्या रखी, तो मंडलायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल संबंधित विभाग की टीम को मौके पर रवाना किया। इसी तरह मगोर्रा क्षेत्र के चकरोड विवाद पर उन्होंने नायब तहसीलदार को तुरंत स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि कागजी खानापूर्ति के बजाय धरातल पर समाधान दिखना चाहिए।

अवैध कॉलोनियों पर जांच के आदेश

समाधान दिवस में अधिवक्ता अनूप ने बड़ी परिक्रमा मार्ग क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां बसाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस पर मंडलायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। सुनवाई के दौरान डीआईजी शैलेश पांडे भी मौजूद रहे, जिससे प्रशासनिक सक्रियता और कड़ाई स्पष्ट नजर आई।

तहसील में अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के राजकुमार नैन के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। रामधन शर्मा और कान्हा ठाकुर के साथ आए लोगों ने यूजीसी वापस लेने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

समाधान दिवस में कुल 21 मामले पंजीकृत किए गए। मंडलायुक्त ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया और शेष के लिए समयसीमा तय कर दी। इस अवसर पर एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी, तहसीलदार सुशील कुमार गुप्ता, एडीएम (एफआर) सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

समाधान दिवस के समापन के बाद मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह और डीआईजी शैलेश पांडे प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने गिरिराज जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर सेवायत दीपू पुरोहित ने अधिकारियों को प्रसादी दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। दर्शन के उपरांत अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।