नई दिल्ली । अब सफर के दौरान एक्सप्रेसवे और हाईवे के पास मौजूद सुविधाओं के बारे में जानने के लिए किसी से पूछताछ नहीं करनी पड़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अपनी सड़कों के किनारे क्यूआर कोड बोर्ड लगाने जा रहा है। जिसमें सड़क के निर्माण की लागत से लेकर उसके आसपास की सुविधाओं की हर जानकारी दर्ज होगी। लोगों को केवल बोर्ड पर बने क्यूआर कोड को अपने मोबाइल पर गूगल लैंस से स्कैन करना होगा, जिसके बाद एक लिंक नजर आएगा। उस पर क्लिक करते ही उन्हें हर जानकारी मिल जाएगी।
एक माह के भीतर क्यूआर कोड बोर्ड लगा दिए जाएंगे। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-नौ, दिल्ली-देहरादून हाईवे, दिल्ली-आगरा हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ये बोर्ड जगह-जगह लगाए जाएंगे। इस पर करीब के रेस्टोरेंट, होटल, टाॅयलेट, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, टोल, पंचर की दुकान, वाहन मरम्मत की दुकान, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल पंप सहित कई अन्य जानकारियां होंगी। उस बोर्ड से इनकी दूरी, लोकेशन और कुछ के फोन नंबर भी अंकित किए जांएगे। साथ ही सड़क को बनाने में आई लागत, उसकी लंबाई और उससे जुड़े अधिकारियों के मोबाइल नंबर उससे मिल सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि इतनी जानकारी किसी बोर्ड पर लिखना संभव नहीं है, इसलिए क्यूआर कोड में उसे दर्ज कर लगाने का निर्णय किया गया है।