मथुरा में ब्लैकमेल करने वाले पत्रकारों का बोलबाला, पत्रकारिता पर उठे सवाल

मथुरा। जनपद में इस समय ब्लैकमेल करने वाले पत्रकारों की बाढ़ आई हुई है। अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों, उद्योगपतियों, नगर निगम, विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर निशाना साधते रहते हैं। इस ग्रुप की खास बात यह है कि पहले एक उस पर कमेंट करता है उसके बाद अन्य चार-पांच लोग उसको अलग-अलग तरीके से प्रेजेंट करते हैं। इस ग्रुप पर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जिनसे या तो अपने निजी स्वार्थ पूरे नहीं हो पाते या जिनसे उनको अपनी पोल खोले जाने का खतरा बना रहता है। इन कथित चार-पांच लोगों की स्थिति अब बहुत ही दयनीय हो चुकी है क्योंकि इस साल के जनवरी से उनके धंधों पर रोक लगना शुरू हो गई। पूर्व जिलाधिकारी और एसएसपी के कार्यकाल में इन लोगों ने अपने दलाली के धंधे को चरम पर पहुंचाया। अब तो हद हो गई है कि जिस पवित्र पेशे से यह लोग अपने को जुड़ा बताते हैं उसी से संबंधित वरिष्ठ लोगों पर भी छींटाकशी करना अपनी शान समझने लगे हैं और तो और इन लोगों के मुखिया के तो कहने ही किया उसकी जब सरकारी मान्यता हुई थी उसमें अनुभव प्रमाण पत्र जिस संस्थान ने दिया था उसी के मालिक की ओर भी उंगली उठाने से यह बाज नहीं आए। इसी बात से इनकी योग्यता कार्य कुशलता का अनुभव किया जा सकता है।
इन लोगों की नजर में एसपी देहात नकारा है सीओ वृंदावन निकृष्ट हैं और तो और जो पुलिसकर्मी साधारण सा कांस्टेबल यदि इनकी नहीं सुनता तो वह भी निकम्मा कहा जाता है। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा एस आई आर को लेकर कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पत्रकार वार्ता बुलाई गई थी वह भी इन लोगों को नागवार गुजरी जबकि इन्हीं में से महावन क्षेत्र में अवैध खनन के कार्यों में लिप्त कथित पत्रकार द्वारा एक अधिकारी के समक्ष छोले भटूरे की दावत की बार-बार डिमांड रखी गई थी। जमुनापार, वृंदावन, हाईवे थाना क्षेत्र में होने वाले जरायम पेशा कार्यों में यह लोग पूरी तरह इन्वाल्व रहते हैं। वर्तमान डीएम एसएसपी की कार्य शैली के कारण इस गिरोह के सदस्यों की दुकानों के शटर पूरी तरह गिर चुके हैं।
कहते है डायन भी अपना घर छोड़कर चलती है। यह कहावत आज इन पर सटीक नहीं बैठती जो पत्रकारिता के नाम पर अपना धंधा चलने वाले चंद लोग अपने को गणेश शंकर विद्यार्थी समझने की भूल कर बैठे है। ये वरिष्ठ पत्रकारों पर अनैतिक टिप्पड़ी करना अपनी शान समझते है। इन लोगों की नजर में इनसे बड़ा मथुरा जनपद में कोई पत्रकार नहीं है जो लोग 30-35 साल से पत्रकारिता को अपना मिशन मानकर जनपद में कार्य कर रहे हैं वह भी इनके सामने शून्य है।
सबसे बड़ी खास बात तो यह है कि ये लोग अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर सामने वाले की छीछालेदर करते हैं उसके बाद सेटिंग होने पर उनको डिलीट करने से एक मिनट भी नहीं लगाते। जो भी लोग इस ग्रुप से जुड़े हैं वह इन चार-पांच लोगों की कार्य शैली को बखूबी जान चुके हैं। खैर आम जनता अधिकारी सबको सबके बारे में बखूबी जानकारी है।