नई दिल्ली । उत्तरखंड के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी ने कहा है कि राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए दिसम्बर में वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।
श्री धामी ने गुरुवार को यहां निवेशक सम्मेलन की तैयारियों को लेकर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इसको ज्यादी प्रभावी बनाने के वास्ते निवेशक सम्मेलन 8-9 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। राज्य में कारोबारी माहौल को ज्यादा बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके तहत निवेशकों के अनुकूल माहौल मिले इसके लिए नीतियों में सुधार कर निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्य रूप से जिन क्षेत्रों की नीतियों में सुधार किया गया है उनमें पर्यटन, एमएसएमई (एमएसएमई), स्टार्ट-अप, लॉजिस्टिक्स और निजी औद्योगिक संपदा स्थापना नीति शामिल हैं। उनका कहना था कि राज्य को देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित किया जाना है इसलिए ‘सशक्त उत्तराखंड मिशन’ शुरू किया गया है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में राज्य की एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है और इसी कड़ी में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए लगभग 6,000 एकड़ का भूमि उपलब्ध है। प्रदेश में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हो रहा है। देहरादून हवाई अड्डे से अब विभिन्न शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा उपलब्ध है। देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डों का भी विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही पिथौरागढ में हवाई सेवा शुरु की जा रही है। रेलवे नेटवर्क के विकास एवं उन्नयन के तहत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में ढाई लाख करोड रुपए के निवेश का लक्ष्य है और दिसम्बर में होने वाले निवेशक सम्मेलन में इस पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में निवेश का माहौल तैयार किया जा रहा है। उनका कहना था कि जो पैसा लगाएगा उसे कोई दिक्कत नहीं हो इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा। उनका कहना था कि उत्तराखंड शांत राज्य है और वहां श्रमिक असंतोष जैसा कोई माहौल नहीं है इसलिए निवेशक वहां निवेश करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं। राज्य में निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने के लिए तेजी से नीतियां बनाकर उनको लागू किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआईआई उत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष दीपक जैन ने कहा कि उत्तराखंड में उनकी कंपनी 2007 में आयी थी और वहां अब तक उसका कारोबार तीन गुना बढ़ चुका है। महेंद्रा समूह के कवींद्र सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन तथा अन्य क्षेत्र के कारोबारियों के लिए काम को आसान बनाने तथा कारोबारी गतिविधियों को तेजी से बढावा दिया जा रहा है इसलिए वहां विभन्न क्षेत्रों में उद्यमिता बढ रही है।
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