भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द होने से विश्व चैंपियनशिप में तिरंगे के साथ नहीं खेलेंगे भारतीय पहलवान

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव बार बार स्थगित होने की वजह से विश्व कुश्ती संघ (यूनाइडेट वर्ल्ड रेसलिंग) ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द कर दी है। भारतीय कुश्ती संघ में चुनाव नहीं होने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द होने के चलते आगामी विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान भारत के झंडे के तले नहीं खेलेंगे। भारतीय पहलवानों को 16 सितंबर से शुरू होने वाली ओलंपिक-क्वालीफाइंग विश्व चैंपियनशिप में ‘न्यूट्रल एथलीट’ के रूप में भाग लेना होगा। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल काफी पहले ही खत्म हो चुका है। इसके बाद कुश्ती संघ में चुनाव कराने के कई प्रयास किए गए और सुप्रीम कोर्ट ने कई बार चुनाव की तारीखें तय की लेकिन अलग-अलग हाईकोर्ट अलग-अलग राज्य के कुश्ती संघों की याचिका के आधार पर चुनाव में रोक लगाते रहे हैं। इसी वजह से अब तक कुश्ती संघ के चुनाव नहीं हो पाए हैं।
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल काफी पहले खत्म हो चुका है। हालांकि पहलवानों के प्रदर्शन के चलते कार्यकाल खत्म होने से पहले ही उन्हें कुश्ती संघ के कामकाज से अलग कर दिया गया था। इसके बाद तदर्थ समिति बनाई गई, जिसके ऊपर चुनाव का आयोजन कराने की जिम्मेदारी थी। समिति ने चुनाव कराने की लिए कई तारीखें तय की और अलग-अलग पदों के लिए उम्मीदवारों ने आवेदन भी कर दिए, लेकिन पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट और फिर चंडीगड़ हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने पहले ही साफ किया था कि अगर समय पर चुनाव नहीं होते हैं तो भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द की जा सकती है।
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव जून 2023 में होने थे लेकिन पहले पहलवानों के प्रदर्शन और फिर अलग-अलग राज्य के कुश्ती संघों की याचिका के चलते अलग-अलग हाईकोर्ट चुनाव पर रोक लगाते रहे हैं और चुनाव में देरी होती गई। भारतीय कुश्ती संघ में 15 पदों के लिए चुनाव 12 अगस्त को होने वाले थे। उत्तर प्रदेश से भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह सहित चार उम्मीदवारों ने इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। चंडीगढ़ कुश्ती संस्था के दर्शन लाल को महासचिव पद के लिए नामांकित किया गया था, जबकि उत्तराखंड के एसपी देसवाल को बृज भूषण शिविर से कोषाध्यक्ष के लिए नामांकित किया गया था। चुनाव में महाराष्ट्र और त्रिपुरा में चुनावों में कोई प्रतिनिधि नहीं होगा, क्योंकि रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों गुटों के दावों को “अयोग्य” माना।