मथुरा निगम चुनाव की वोटिंग लिस्ट में नाम गायब होने की सुनवाई 4 अग. को चीफ जस्टिस की कोर्ट में होगी

मथुरा। नगर निगम के वार्ड 65 के पार्षद का चुनाव में परिसीमन नक्शा अनुसार वोटर लिस्ट में काफी गड़बड थी जो कि भाग संख्या 453 में चूनाकंकड़ के वोटर लिस्ट में नाम होते हुये भी साजिश के तहत 446 वोट गायब किये गये जिससे उनके वोट नहीं डले जिस को लेकर समाजसेवी प्रकाश चन्द अग्रवाल ने 446 वोट गायब करने के विरूध में 7 मई से अनिश्चितकालिन धरना दिया जिस पर कोई सुनवाई न होने पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सोमवार 31 जुलाई को जनहित याचिका दाखिल की है जिसकी याचिका संख्या 1745 सन् 2023 पर 01 अगस्त को दर्ज हुई है सुनवाई 4 अगस्त शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश प्रितिंकर दिवाकर व आशुतोश श्रीवास्तव की खंडपीठ की कोर्ट में होगी।
इस याचिका की बहस स्वयं इनपर्सन प्रकाश चन्द अग्रवाल करेंगे एवं राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त की ओर से कौशलेंद्र प्रताप सिंह अधिवक्ता तथा मुख्य सचिव व जिलाधिकारी की ओर से शासकीय अपर महाअधिवक्ता बहस करेंगे।
इस याचिका में पक्षकार मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकाय लखनऊ व जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी मथुरा को बनाया है जो वार्ड परिसीमन नक्शा अनुसार वोटर लिस्ट सही नहीं थी तथा न्यायालय से अनुरोध करेंगे कि उपजिलाधिकारी सदर मथुरा द्वारा वोटर लिस्ट से 446 वोट काटने का काटने का आदेश की प्रतिलिपि तलब किया जाये कि किस आदेश के तहत वोट काटे गये है जो कि वोट काटने के आदेश अंतापाड़ा निवासीगण के थे लेकिन जान-बूझकर वोट चूनाकंकड़ के निवासीगण के काटे गये थे जिसकी जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी सदर की है कयोंकि वोटर लिस्ट पर हस्ताक्षर उन्ही के हैं।