मथुरा में निकाय चुनाव बने नगर निगम की दुधारू गाय, डॉ डी पी गोयल , जयंती प्रसाद अग्रवाल, यामनी रमन आचार्य ने जमा कराए 19 लाख रु

मथुरा। निकाय चुनाव से नगर निगम की जहां बल्ले बल्ले हो गई वहीं महापौर का चुनाव लड़ने वाले तीन नामी-गिरामी लोगों के लाखों रुपए जेब से निकलकर निगम के खाते में पहुंच गए। खास बात तो यह रही कि लाखों रुपए की धनराशि जमा करने के बावजूद पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दी जिससे उनकी स्थिति न घर की रही ना घाट वाली हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ी धनराशि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे डॉ डीपी गोयल ने एनओसी हासिल करने के लिए जमा की। बताया जाता है नगर निगम का उन पर करीब ₹12 लाख के आसपास बकाया चल रहा था जो वह काफी समय से जमा नहीं कर रहे थे। जब उनका नाम महापौर की रेस में शामिल हुआ तो उनको मजबूरन निगम में दो अलग-अलग किस्तों के रूप में पूरी धनराशि जमा करानी पड़ी। इसके अलावा जयंती प्रसाद अग्रवाल ने भी करीब ₹5 लाख एनओसी के लिए निगम में जमा कराएं। इन दोनों बड़े लोगों के अलावा कांग्रेस से महापौर की दौड़ में शामिल यामनी रमन आचार्य ने भी ₹2 लाख 80 हजार जमा करा कर एनओसी हासिल की। इन तीन बड़े बकायेदारों से निगम को 20 लाख रुपए प्राप्त हुए वहीं अब तक महापौर और पार्षद की एनओसी जारी करने पर ₹51 लाख के करीब राजस्व की निगम को प्राप्ति हुई है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिव कुमार गौतम के अनुसार 563 एनओसी जारी की गई।
बताया जाता है कि भाजपा नेता डॉक्टर डी पी गोयल के नर्सिंग होम पर लंबे समय से नगर निगम का बकाया चल रहा था जिसको लेकर उनका कोई मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। कुल मिलाकर निकाय चुनाव नगर निगम के लिए भारी फायदेमंद का सौदा साबित हुआ है।