मथुरा वृंदावन नगर निगम के मेयर की सीट पर ओबीसी महिला लड़ेगी चुनाव, हाई कास्ट के प्रत्याशियों के चेहरे मुरझाए
मथुरा। प्रदेश में आगामी समय में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर आज सरकार ने मेयर और अध्यक्ष पद के आरक्षण का ऐलान किया है। मथुरा वृंदावन नगर निगम के मेयर का पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला (obc) के लिए आरक्षित घोषित हुआ है वही नगरपालिका कोसीकला के अध्यक्ष पद को महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
मेयर पद के लिए शासन की इस घोषणा से मथुरा वृंदावन के वैश्य समाज के प्रबल दावेदारों के चेहरे बुरी तरह मुरझा गए हैं । टिकट की प्रबल दावेदारी कर रहे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल के तो लाखों रुपए प्रचार प्रसार में व्यय हो गए हैं। इसके अलावा 1 दर्जन से अधिक सामान्य सीट की संभावना के चलते दावेदारी प्रस्तुत कर रहे वैश्य समाज के साथ-साथ ब्राह्मण समाज के नेता और कार्यकर्ता एक दूसरे के मुंह की ओर देख रहे है।
सबसे अधिक उम्मीद थी कि मथुरा वृंदावन नगर निगम का मेयर पद सामान्य रहेगा और इसके लिए वैश्य समाज के किसी दमदार प्रत्याशी को टिकट दी जाएगी। प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा द्वारा की गई घोषणा से अब मथुरा वृंदावन में नए समीकरण बनना शुरू हो गए हैं। चर्चा है कि वर्तमान घोषणा के अनुसार मेयर पद के लिए पूर्व मंत्री रहे सविता समाज के नेता प्रोफेसर स्व राम प्रसाद कमल के पुत्र भवन भूषण कमल लकी की पत्नी, युवा भाजपा नेता सिद्धार्थ लोधी की धर्मपत्नी, पूर्व सांसद तेजवीर सिंह की पुत्रवधू और भाजपा महिला मोर्चा की पूजा चौधरी के नामों को लेकर खींचतान हो सकती है। इनके अलावा एक युवा भाजपा नेता श्याम सिंघल की धर्मपत्नी जो जाट समाज से हैं उनके नाम की भी चर्चा होने लगी है। कुल मिलाकर सामान्य सीट पर जो चुनाव रोमांचक बनता वो अब मथुरा वृंदावन में औपचारिकता भर सिमट कर रह जाएगा। कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के भी सामान्य पद प्रत्याशी की चाहत में दावेदार जुटे हुए थे उनके चेहरे फाख्ता हो गए हैं।
शासन ने मेयर पद पर आपत्ति और सुझाव के लिए 12 दिसंबर अंतिम तिथि घोषित की। संभवत इसके 1 हफ्ते के अंतराल में निकाय चुनाव की तारीख का ऐलान हो जाएगा। चुनाव दिसंबर माह के अंत में या जनवरी के प्रथम पखवाड़े में पूर्ण करा लिए जाएंगे।