लखनऊ। 19 से 23 सितम्बर तक चलने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के इस छोटे से सत्र में विपक्ष द्वारा बड़े हंगामें किये जाने के आसार हैं। 19 सितंबर से शुरू हो रहे इस सत्र के पहले दिन निधन के निर्देश के तहत दिवंगत विधायक अरविंद गिरी को श्रद्धांजलि देते हुए शोक रखा जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर, 21 सितंबर व 22 सितंबर व 23 सितंबर विधायी कार्य होंगे।
विपक्ष सरकार को घेरने के लिए कई बड़े मुद्दे उठाने की तैयारी में हैं। इनमें लेवाना आग प्रकरण, कानून व्यवस्था, महंगाई, उत्पीड़न आदि सवाल विपक्षी सदस्य उठाएंगे जबकि सरकार भी पूरी तैयारी के साथ इन सवालों पर जवाब देगी। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने सभी विधायकों को सदन का अननि्तम रूप से मंजूर कार्यक्रम भेज दिया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के इस बार के पावस सत्र में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव पास कराया जाएगा। तीन विधेयक पास होंगे। मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद इस बात का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। इसके अलावा तीन अध्यादेश भी सदन से विधेयक के रूप में पास कराए जाएंगे। यह अध्यादेश सत्र न होने के कारण पिछले दिनों लाए गए थे। इनमें उत्तर प्रदेश महर्षि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2022,सामान्य भविष्य निधि उत्तरप्रदेश नियमावली 1985 अध्यादेश 2022 व इंटरमीडिएट शिक्षा संशोधन अध्यादेश शामिल हैं।
कहा जा रहा है कि कैबिनेट ने माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2022 के मसौदे को भी मंजूरी दे दी है जिसे यूपी विधानसभा के इसी सत्र में पेश किया जाएगा। संभावना है कि इस दौरान सदन के भीतर सरकार 100 दिन के उपलब्धियों का बखान भी कर सकती है। साथ ही इस दौरान विपक्ष भी जोरदार तैयारी के साथ सदन में उतरेगा। यूपी में सूखे की स्थिति को लेकर भी कार्यवाही के दौरान हंगामा होने की उम्मीद है। चर्चा है कि अभी हाल ही में रिटायर्ड हुए आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी को किसी निगम या विधायी संस्था का चेयरमैन बनाने के लिए भी प्रस्ताव रखा जा सकता है।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.