मथुरा । वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर प्रांगण में शुक्रवार देर रात क्षमता से अधिक श्रद्धालु के एकत्र होने पर हुए हादसे में जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने दोनों मृतकों के परिवारीजन के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने के साथ ही सभी घायलों के समुचित इलाज का निर्देश भी दिया है। हादसे पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी शोक व्यक्त किया। सीएम के निर्देश पर एडीजी जोन राजीव कृष्ण, आईजी आगरा रेंज नचिकेता झा आगरा मंडल के कमिश्नर अमित कुमार ने आज वृन्दावन पहुंच कर अस्पताल में भर्ती घायलों के हाल चाल जाना। उसके पश्चात मंदिर पहुंच कर सेवायतों से घटना की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना में घायल लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश देते हुए शोक संतप्त परिवारीजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि त्योहारों पर धर्म स्थलों में भीड़ को देखते हुए और कड़े इंतजाम किए जाए ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित मंगला आरती के दौरान वृंदावन के बिहारी जी मंदिर में मची भगदड़ में दम घुटने से मृत दो लोगों की घटना से योगी सरकार सकते में हैं। मुख्यमंत्री ने इस मामले में गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च अधिकारियों को घटना करित होने के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर बिहारी जी मंदिर में घटित घटना को लेकर एक दर्जन से अधिक वीडियो वायरल हुए हैं जिनको शासन में बैठे अधिकारी गहनता से परीक्षण कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस घटना को लेकर स्थानीय अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर घटना के तरह-तरह के अलग-अलग एंगल की वीडियो वायरल हुए हैं। एक वीडियो में अधिकारी अपने परिजनों के साथ ऊपर खड़े होकर गैलरी में मोबाइल फोन में रिकॉर्डिंग करते देखे जा रहे हैं। वही एक ओर वीडियो में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी भीड़ को अत्यधिक दबाव होने के कारण असहाय एक तरफ खड़े हैं। फेसबुक पर लोग इस दुखद घटना के लिए वीआईपी कल्चर, मंदिर प्रबंधन की अदूरदर्शिता को दोषी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर के आस पास फर्स्ट एड की कोई व्यवस्था नहीं की जाती जबकि पता है तीज त्यौहार के साथ साथ शनिवार रविवार एकादशी पर लाखों भक्तों की भीड़ में मौजूद रहती है। वृंदावन वासियों ने मुख्यमंत्री से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की गुहार लगाते हुए देश के बड़े मंदिरों में लागू व्यवस्था सिस्टम बनाने की मांग भी की है। लोगों का कहना है कि मंदिर प्रांगण में बीच में लगी स्टील की रेलिंग दुर्घटना का मुख्य कारण है। दो भाग में बंटने के बाद श्रद्धालु निकलने के लिए जद्दोजहद करते रहते हैं।
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