बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई: मथुरा-वृंदावन क्षेत्र के तीन एसडीओ के तबादले रोकने की सिफारिश पर अधीक्षण अभियंता सहित दो अधिशासी अभियंता निलंबित
मथुरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी ने स्थानांतरित तीन इंजीनियरों के मामले में तबादला रोकने की संस्तुति करने पर मथुरा शहर के विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित वृंदावन और कृष्णा नगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता को तत्काल निलंबित कर दिया है। इस कठोर कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारों ने एमडी द्वारा की गई कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा है कि स्थानीय स्तर पर उच्च अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारी के स्थानांतरण के लिए लिखा पढ़ी तो करते ही हैं जो आम प्रचलन में है। बताया जाता है कुछ दिन पूर्व चीफ इंजीनियर एसके सिन्हा ने शहरी क्षेत्र के कैंट और वृंदावन, मसानी के एसडीओ के तबादले किए थे। स्थानीय परेशानियों को देखते हुए अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने तीनों के स्थानांतरण रोकने के लिए प्रार्थना पत्र पर संस्तुति की थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए चीफ इंजीनियर ने स्थानांतरण निरस्त कर दिए ।
इस मामले की शिकायत किसी ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और शासन को की जिस पर एक जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दक्षिणांचल विद्युत विभाग के एमडी ने शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश वृंदावन के अधिशासी अभियंता राजीव कालरा कृष्णानगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता सचिन गुप्ता को निलंबित कर दिया। बताया जाता है आजकल में चीफ इंजीनियर के खिलाफ भी कार्यवाही हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में शायद ऐसा पहली बार ऐसा हुआ हो जब स्थानांतरण रोकने की सिफारिश करने पर तीन उच्च अधिकारियों को निलंबित किया गया हो। समझा जा रहा है कि स्थानीय बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों ने तीनों एसडीओ के तबादले रोकने की सिफारिश इसलिए की थी कि इस समय मथुरा वृंदावन में त्योहारों का सीजन है तबादला होने से बिजली कार्य प्रभावित हो सकते हैं।