मथुरा। अब सफाई, पेयजल, सीवर चौक, पानी की लाइन लीकेज आदि त्वरित निस्तारण हो सकने वाली समस्याओं का शहर वासियों को निर्धारित समय अवधि में निजात दिलाने के लिए नगर निगम मथुरा-वृन्दावन के नगर आयुक्त ने ’उपाय’ नामक एप का शुभारम्भ किया है। अभी तक उक्त समस्याओं के लिए लोगों को अलग-अलग अधिकारियों, शिकायत केन्द्रों पर सम्पर्क कर समस्या को बताना पड़ता था। अलग-अलग करीब 15 स्त्रोतों से प्राप्त इन समस्याओं की मोनिटिरिंग करना और इसके बावजूद उक्त शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करा पाना निगम के लिए काफी मुश्किल काम था। नगर आयुक्त अनुनय झा के मुताबिक अभी तक उनके द्वारा लांच पोर्टल के अलावा उनके निजी व्हाटसअप, टयूटर, इंस्टाग्राम, आईजीआरएस,सीएम हैल्थलाइन, नगर विकास मंत्री की हेल्प लाइन नं.1535, जनता दर्शन के अलावा निगम के विभिन्न अधिकारियों के फोन सहित करीब 15 स्त्रोतों से शिकायतें मिलती थी। उनके आने से पूर्व निगम की सोशल साइट पर 700 फोलावर थे। आज इन साइटों पर करीब 5000 फोलोवर है। बावजूद इसके वह निगम में उसके मूल कार्यों और इससे जुडी शिकायतों को प्राप्त करने के लिए एक सेन्ट्रलाइज पोइंट चाहते थे। जब उनको उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने वाले इस तरह के एप के बारे में प्रमुख सचिव आवास ने बताया तो उन्होेंने बिना देर किये इस एप को निगम में प्रभावी करने का मन बना लिया उन्होंने बताया कि अभी इस एप के लिए मोवीऊर्जा के साथ 6 माह का एग्रीमेन्ट किया गया है।
‘उपाय’ एप का शुभारम्भ करते हुए श्री झा ने इस एप के विषय में आमजन को जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर आज पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। जिसमें नगर आयुक्त ने एप के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा एप के माध्यम से शहर वासी सफाई से सम्बन्धि समस्या का 24 घण्टे, पाइप लाइन में लीकेज की समस्या का 48 घ्ण्टे और सीवर सम्बन्धित समस्या का 72 घण्टे के अन्दर समाधान पा सकते है। इस एप पर उन्हें अपनी समस्या को बोल कर भी नही बताना होगा। शिकायत कर्ता को केवल समस्या के बिन्दु का फोटो खींच कर एप पर उपलोड करना होगा। इसके बाद सम्बन्धित शिकायत कर्ता के फोन और उसके द्वारा भेजी गई फोटो की जीपीएस सिस्टम से जानकारी करते हुए मोवीऊर्जा के अधिकारी निगम के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद समस्या के निस्तारण होने की जानकारी शिकायत कर्ता को देंगे। जिस पर शिकायत कर्ता द्वारा यस और नो कहा जायेगा। नो कहने की स्थिति में शिकायत कर्ता से शिकायत की सापेक्ष जानकारी की जायेगी। समयअवधि में शिकायत का निस्तारण न होने पर शिकायत नगर आयुक्त के पास जायेगी यहां सम्बन्धि अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। नगर आयुक्त ने बताया कि समयअवधि निकलने की स्थिति में अधिकारी का वेतन काटने जैसी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिकायतों की मोनिटिरिंग मोवीऊर्जा द्वारा निगम से कोई लेना-देना न होने के कारण निष्पक्ष रूप से की जा सकेगी। क्योंकि कंपनी का यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसके बाद इस एप को इसकी सफलता से अनुरूप प्रदेश की अन्य निकायों में प्रभावी किया जा सकता है। उन्हें बताया कि प्रमुख सचिव की प्रेरणा से इस एप को पायलट प्रोजेक्ट के रूप मथुरा-वृन्दावन नगर निगम में लागू किया गया है।
निगम में इस एप को बीती 8 जुलाई से 1जनवरी 2023 तक के लिए मोवी ऊर्जा से अनुबंध किया गया है। इस एप पर अभी तक करीब 250 शिकायतें मिल चुकी है जिनमें से 125 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। 50 शिकायतों का समय अवधि में और 40 शिकायतों का निस्तारण इस अवधि के बाद है। समय अवधि के बाद जिन शिकायतों का निस्तारण हुआ है उनसे सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। एप के माध्यम से स्ट्रीट लाइट मेन्टीनेंस, सीवेज, सोलेड वेस्ट, रोड़ डिपार्टमेन्ट, पेंशन फंड, अतिक्रमण, ओवर फ्लो सीवेज, सीवर लीकेज, मृत पशु, सफाई व्यवस्था, पब्लिक टायलेट आदि 20 बिन्दुओं को लेकर शिकायत की जा सकती है।
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