दिनेश बने लाइट ऑफ एशिया, योग विधा में भारत को मिला विश्व का पहला सम्मान

मथुरा। योगेश्वर श्री कृष्ण की जन्म भूमि में जन्मे योग प्रशिक्षक दिनेश चतुर्वेदी ने दुनियां का पहला खिताब हासिल किया है उन्हें लाइट आफ एशिया की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समूचे विश्व में पहली बार भारत को मिला है। योग प्रशिक्षक दिनेश चतुर्वेदी पॉवर लिफ्टिंग के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी भी रहे है और इस खेल में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके है। वर्तमान में वह भारतीय पॉवर लिफ्टिंग टीम के योग प्रशिक्षक बतौर अपनी सेवा प्रदान कर रहे है। 21 जून योग दिवस पर तमिल नाडु के कोयम्बटूर में एशियन पॉवर लिफ्टिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित समारोह में उन्हें लाइट ऑफ एशिया के खिताब से नवाजा गया है।
इस सम्बन्ध में दिनेश चतुर्वेदी ने कोयम्बटूर से बातचीत में बताया कि ये सम्मान भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण को समर्पित है, योग ऐसी विधा है जोकि स्वस्थ्य जीवन के साथ प्रत्येक क्षेत्र के लिए सफलता की कुंजी है। उन्होंने एशियन फेडरेशन के अध्यक्ष फर्शीद सुल्तानी ईरान और एशियन पॉवर लिफ्टिंग् के महासचिव पंडित राजेश तिवारी भारत के पॉवर लिफ्टिंग् फेडरेशन के महासचिव पी जे जोसफ, टेक्निकल हेड अजितेश नायर का आभार जताया है। साथ ही कहा कि पॉवर लिफ़्टिंग और योगा क्षेत्र में उनका प्रोत्साहन सराहनीय है वहीं एशियन पॉवर लिफ्टिंग् फेडरेशन के अध्यक्ष सुल्तानी, महासचिव श्री तिवारी ने दिनेश चतुर्वेदी को बधाई देते कहा कि वह एक बेहतर खिलाड़ी रहे है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग क्षेत्र में उनके विशेष ज्ञान से खेल और खिलाड़ी लाभान्वित हुए है। वह ऐसे पहले व्यक्ति है जो पॉवर गेम के प्लेयर रहने के साथ योग विद्या की सेवाएं दे रहे है। साथ ही लाइट ऑफ एशिया सम्मान से सम्मानित होने वाले वह पहले विश्व के प्रथम व्यक्ति है ।
गौरतलब है कि 17 जून से 21 जून 2022 तक तमिलनाडु के कोयम्बटूर में विश्वस्तरीय ओपन चेम्पियनशिप का आयोजन हुआ जिसमें उन्हें सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें लगातार दूसरी बार बेहतर योगा कोच की उपाधि से दूसरी बार नवाजा गया है। उनके लाइट ऑफ एशिया बनने से उनके प्रशंसकों में हर्ष की लहर व्याप्त है।