लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने 9 उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें 7 मंत्रियों को दावेदार बनाया गया है। लिस्ट में जिन सात मंत्रियों को उम्मीदवार बनाया गया है, उनमें उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य (जो विधानसभा चुनाव हार गए थे), भूपेंद्र सिंह, जे.पी.एस. राठौर, दया शंकर मिश्रा दयालू, नरेंद्र कश्यप, जसवंत सैनी और दानिश आजाद अंसारी शामिल हैं। विधान परिषद की 13 सीटें इस साल छह जुलाई को रिक्त हो रही हैं।
इनके अलावा, पार्टी ने दो अन्य मुकेश शर्मा और बनवारीलाल दोहरे को उम्मीदवारों के रूप में नामित किया है।
राज्य विधानसभा में अपनी ताकत के आधार पर, भाजपा उच्च सदन के लिए नौ उम्मीदवार चुन सकती है, जबकि समाजवादी पार्टी को कुल 13 सीटों में से चार उम्मीदवार मिल सकते हैं, जिसके लिए 20 जून को चुनाव होंगे और उसी दिन मतगणना की जाएगी।
विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन 9 जून तक होंगे। वहीं नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी। नाम वापसी की तारीख 13 जून है। मतदान 20 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।
बता करें बिहार की, तो भाजपा ने पुराने कार्यकर्ताओं को मौका दिया है। हरि साहनी दरभंगा के तो अनिल शर्मा जहानाबाद के हैं। दोनों को भाजपा में राजनीति करते तीन दशक हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन में विभिन्न पदों पर काम किया। साहनी दरभंगा के जिला परिषद अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें दो बार दरभंगा का जिलाध्यक्ष भी बनाया गया है। इसके अलावा, वे 2015 में बहादुरपुर से चुनाव लड़ चुके हैं। इस समय दरभंगा से भाजपा के एमएलसी अर्जुन सहनी है, जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।
बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। इनमें से 27 सीटों पर चुनाव विधायकों के द्वारा होता है। इन 27 सीटों में से 7 सीटें इस साल 21 जुलाई को खाली हो रही हैं। विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी छह-छह सदस्य चुने जाते हैं। इसके अलावा, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के मत से 24 सदस्य चुने जाते हैं। जबकि विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता रखने वाले 12 सदस्यों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं।