पं अजय शर्मा
मथुरा । धार्मिक आस्थाओं का ध्यान रखते हुए करोड़ों रूपये का नुकसान सहते हुए प्रशासन ने आज से शहर के 22 वार्डों में पडऩे वाली लगभग ढाई दर्जन शराब, बीयर, भांग की दुकानों व दो बारों पर ताला लटकवा दिया है। वहीं चर्चा में रहे होटल बृजवासी रॉयल का बार प्रतिबन्धित वार्ड क्षेत्र में न होने के कारण खुली रहेगी। विगत वर्ष प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक आस्थाओं को मद्देनजर रखते हुए तीर्थ स्थल घोषित करते हुए श्री कृष्ण जन्म स्थान के 10 किमी दायरे में आने वाले 22 वार्डों में आने वाली मांस,शराब, भांग, बीयर व बार को बन्द करने की घोषणा की थी उस समय तत्काल प्रभाव से मांस बिक्री की दुकाने बंद करा दी गई थी लेकिन तकनीकि कारणों के चलते क्षेत्र की शराब, भांग, बीयर की दुकानें बंद नही हो सकी। अब शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों के तहत 22 वार्डों में घाटी बहालराय, गोविन्द नगर, मडी रामदास,चौबिया पाडा, द्वारिकापुरी, नवनीत नगर, बनखंडी, भरतुपरगेट, अर्जुनपुरा, हनुमानटीला, जगन्नाथपुरी, गऊघाट, मनोहरपुरा, बैरागपुरा, राधानगर, ब्रदीनगर, महाविद्याकॉलौनी, कृष्णानगर प्रथम, कृष्णानगर द्वितीय, कोयलागली, डैम्पीयर नगर व जयसिंहपुरा आदि वार्ड शामिल है। जिनमें सात देशी मदिरा की दुकाने मसानी चौराहा, कंकाली भूतेश्वर, डैम्पीयर नगर मोड, जयसिंहपुरा, रानी गार्डन, भरतपुर गेट, सौंखअड्डा, लाल दरवाजा। अंग्रेजी शराब की सात दुकानों में भरतुपरगेट, मसानी चौराहा, कृष्णानगर रोड़़ जयसिंहपुरा, पूजा एंकलेब, सौंख अड्डा, लाल दरवाजा शामिल है। वहीं बीयर की आठ दुकाने कंकाली भूतेश्वर-बी,कृष्णा नगर चौराहा, जयसिंहपुरा ए, जयसिंहपुरा-बी, आकाशवाणी-ए, रानी गार्डन पूजा एंकलेब, लाल दरवाजा-ए, मसानी चौराहा तथा भंाग की 6 दुकानें भरतपुरगेट, भूतेश्वर चौराहा, सौंख तिराहा, जयसिंपुरा, कृष्णानगर, मसानी चौराहा, नया बाजार इनके साथ क्षेत्र में पडऩे वाले दो बार सौंख अड्डा स्थित आतिथ्य पैलेस व मसानी स्थित हॉटल सिल्वर स्टार के बार में भी आज से ताले लटक गये है।
बंद होने वाली दुकानों की संख्या
अंग्रेजी शराब-०7
देशी शराब-०7
बीयर- ०8
भांग- ०6
बार- ०2
मॉडल शॉप-०1
ज्ञात रहे कि चर्चा में आया था कि होटल बृजवासी रॉयल का बार भी बंद होगा। चुंकि वह प्रतिबन्धित वार्ड में नही आता इसलिये वह सुचारू रूप से चलता रहेगा। उक्त आशय की जानकारी मथुरा आबकारी अधिकारी ने देते हुए बताया कि उक्त दुकानें बंद होने से शासन को लगभग 40 करोड़ रूपये के राजस्व का नुकसान होगा।