मथुरा। नगर निगम ने बुधवार को मथुरा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञापन ऐजेन्सियों द्वारा अनाधिकृत तरीके से लगाई प्रचार सामिग्री को बडी मात्रा में हटाया है।
शहरी क्षेत्र की सड़कों पर निजी कम्पनियों के उत्पादों का प्रचार करने के लिए बडे-बडे लोहे के गाडर सरिया एंगिलों के स्ट्रेक्चरो पर होर्डिंग्स लगे हुए है। इनमें काफी संख्या में विज्ञापन एजेन्सी निगम राजस्व को चूना लगाने के लिए प्राईवेट भवन, कम्पलैक्स आदि पर इन विज्ञापन को लगा देती है। इसकी शिकायत कुछ दिन पूर्व नगर आयुक्त अनुनय झा को की गई जिस पर उन्होंने निगम के राजस्व विभाग के पेच कस दिये। नगर आयुक्त की नाराजगी को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने मथुरा-वृन्दावन में अवैध होर्डिंग्स हटाओ अभियान चला दिया। मंगलवार को वृन्दावन से दर्जनों विज्ञापन तहस नहस किए गये।
बुधवार को मथुरा-वृन्दावन के भूतेश्वर तिराहा पर लगे आधा दर्जन से अधिक बडे विज्ञापन बोर्ड जेसीबी से हटाये गये। इस दौरान छत पर लगे स्ट्रेक्चर
को गैस कटर से काटा गया। अभियान में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. गौतम, कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय, कर अधीक्षक उम्मेद सिंह, निरीक्षक जीशान सहित प्रवर्तन दल की टीम उपस्थित रही।
वाहनों के चालान की तरह ही हो निगम क्षेत्र में अतिक्रमण कारियों पर कार्यवाही
अतिक्रमण हो या बिना अनुमति के लगे होर्डिंग्स को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन प्रश्न यह उठता है कि महीनों से लगे होर्डिंग्स व अतिक्रमण को जब तक नगर निगम का दस्ता हटाता तब तक अवैध होर्डिंग्स लगाने वाला विज्ञापन द्वारा लाखों की कमाई कर चुका होता है। वहीं होर्डिंग्स व अतिक्रमण हटाने में नगर निगम अपने कर्मचारियों व उपयोग में जाये जाने वाले यंत्रों पर हजारों रूपया खर्च कर देती है। इस प्रक्रिया से नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम को चाहिए कि जैसे वाहनों के चालान फोटो खींचकर घर भेज दिये जाते है। वैसे ही दुकानों के सामने रखे अतिक्रमण करते सामान व अवैध होर्डिंग्स के फोटो खींच कर चालान दुकान स्वामी व होर्डिंग्स लगाने वाली कम्पनी को भेज दिया जाये। ऐसा हर रोज किया जाये जब तक दुकानों के आगे सड़क किनारे किया गया अतिक्रमण व अवैध होर्डिंग्स नही हट जाते। इस प्रक्रिया से जहां नगर निगम की आय अपने आप बढ जायेगी। वहीं नगर निगम को अतिक्रमण हटाने में जो खर्चा होता है वह भी बच जायेगा।