मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ असभ्य टिप्पणी करने पर साधु संतों में विनीत नारायण के प्रति गहरा आक्रोश

वृंदावन, (राजपथ ब्यूरो/पुनीत शुक्ला) । प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में असभ्य टिप्पणी करने वाले पत्रकार विनीत नारायण को लेकर वृंदावन के साधु संत समाज में आक्रोश पनप गया है। साधु संतों के साथ-साथ प्रतिष्ठित नागरिकों ने उनके खिलाफ शासन प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निंदा करने से आहत हुए संतो ने आज श्री धाम वृंदावन के गांधी मार्ग स्थित श्रोत मुनि आश्रम में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय चतु: संप्रदाय के श्री महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने की। उन्होंने बताया कि आज वृंदावन के समस्त साधु जन, सन्यासियों, कथा वाचको एवं विद्धत जनों ने एक स्वर में पत्रकार विनीत नारायण का बहिष्कार करने की बात कही है। उन्होंने कहा विनीत नारायण अपने अनर्गल प्रलाप से न सिर्फ वृंदावन के साधुओं, सन्यासियों में विष का बीज बोना चाहते हैं, बल्कि उनकी भाषा से ऐसा लगता है कि भारत एवं विश्व के सनातन धर्म क्यों को आपस में लड़ा बनाकर सब कुछ नष्ट करने को आतुर है। उनकी ऐसी कलुषित मानसिकता के चलते समाज में धार्मिक विद्वेष पनपने की आशंका उत्पन्न होती है।

भागवत प्रवक्ता श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर ने कहा कि ऐसी दूषित मानसिकता के व्यक्ति को वृंदावन में प्रवेश ही नहीं देना चाहिए। जो ऐसे व्यक्तित्व जिनको सनातन धर्म में द्वारा इतना मान सम्मान दिया जाता है उनके विरुद्ध अपशब्द बोले। निश्चित रूप से ऐसे व्यक्ति का बहिष्कार करना चाहिए।
महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज ने बताया कि ऐसे लोग समाज के लिए कलंक के समान होते हैं जो केवल अपना ही भला चाहते हैं। इतने बरसों में इन्होंने तमाम योजनाओं के द्वारा बाहर से धन लाकर अथाह संपत्ति का संचय किया है। मेरा प्रशासन से अनुरोध है कि वह सरकारी एजेंसियों द्वारा इसकी जांच कराएं ताकि उनके द्वारा किया गया गड़बड़झाला पता लग सके।

कार्ष्णि नागेन्द्र महाराज ने बताया कि भारत ऋषियों का देश है और हमारे भारत में ही संत महात्मा धर्माचार्य ब्राह्मण देवी-देवताओं का अपमान एवं अनर्गल टिप्पणियां लोग करते हैं। हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महन्त श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज सनातन धर्म की रक्षा मंदिर एवं संस्कृति के संरक्षण में लगे हुए हैं। महन्त योगी जी के लिए विनीत नारायण नाम के व्यक्ति ने अपमानजनक शब्द एक संत के लिए कहे हैं, एवं हमारे ब्रजमंडल के धार्मिक एवं सामाजिक माहौल को खराब करने सन्त एवं धर्माचार्यों को लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है । हम सभी को मिलकर ऐसे व्यक्ति का पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए।
हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों की जांच एजेंसियों द्वारा जांच कराकर इनकी संपत्ति का ब्यौरा जनता में सबके सामने रखना चाहिए। सब को भी पता लगे कि उन्होंने इतनी दौलत कहां से पैदा की जिस के नशे में आज यह अनर्गल बातें कर रहे हैं।
अघोर पीठाधीश्वर स्वामी बाल योगेश्वर महाराज ने कहा कि ऐसे व्यक्ति प्यार की भाषा नहीं समझते हैं इनको इनकी भाषा में ही समझाया जा सकता है जब तक ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखाई जाएगी तब तक इनकी हिम्मत बढ़ती रहेगी। संतो को स्वयं आगे आकर ऐसे व्यक्तियों को दंडित करना चाहिए।
बैठक में सैकड़ों की संख्या में आए हुए संतों ने अपनी अपनी बात कही मुख्य रूप से एकमत होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध अनर्गल बकबक करने वाले विनीत नारायण की घोर निंदा की एवं वृंदावन के सभी साधु संत सन्यासियों एवं धार्मिक तथा राजनीतिक संगठन एकजुट होकर ऐसे व्यक्ति का पूर्ण रूप से समाज से बहिष्कार करें।
बैठक में स्वामी भास्करानंद महाराज हरि शंकर दास नागा वेणु गोपाल दास बाबा बलराम दास बाबा अद्वैत मुनि स्वामी गोविंदानन्द स्वामी रामानंद शास्त्री स्वामी सदानंद शास्त्री विमल चैतन्य महाराज आचार्य राजेंद्र दास यदुनंदन आचार्य करुणा शंकर पुरी महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वर दास महाराज भागवत प्रवक्ता संजीव कृष्ण राधा कांत शास्त्री आचार्य अमित कृष्ण स्वामी सच्चिदानंद गिरी महंत राघव दास स्वामी गोविंदानंद तीर्थ रामायणी केशवदास स्वामी शिवानंद राजेश किशोर गोस्वामी प्रहलाद दास संत गिरी नागा बाबा स्वामी गणेश चैतन्य देवांशु गोस्वामी स्वामी विवेकानंद नगर निगम के उपसभापति राधा कृष्ण पाठक श्रीकृष्ण जन्म संस्थान से विजय बहादुर आदि लोग उपस्थित रहे।