मार्च में आ सकता है LIC का IPO, सीसीईए की बैठक में हरी झंडी!

नई दिल्ली । चालू वित्त वर्ष में बीमा प्रमुख एलआईसी के मेगा आईपीओ के साथ आने की सरकार की योजना को बरकरार रखते हुए आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। एक शीर्ष आधिकारिक सूत्र ने कहा कि सीसीईए ने 7 जुलाई को अपनी बैठक में देश के सबसे बड़े आईपीओ के लिए कई बाधाओं को दूर करते हुए निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) द्वारा अंतिम रूप दिए गए आईपीओ के लिए पुनर्निर्धारित योजना को मंजूरी दी गई।

अधिकारी ने कहा, “हमने प्रस्ताव के लिए रास्ता और निवेशकों को बीमाकर्ता के साथ कैसे जोड़ा जाना चाहिए, ये सभी तय कर लिया है। इसी के साथ वित्त वर्ष 22 के लिए आईपीओ का रास्ता साफ हो गया है, जिसके लिए हम योजना बना रहे थे।”

अधिकारियों ने आगे बताया, अब वैकल्पिक मेकैनिज्म (एएम) या मंत्रियों का समूह पेशकश किए जाने वाले शेयरों के समय और मात्रा पर निर्णय लेने के लिए बैठेगा। इस मुद्दे के लिए प्रबंधकों की नियुक्ति का भी अनुसरण किया जाएगा।

रिपोर्ट की मानें तो LIC का IPO मार्च 2022 तक आ सकता है।

वित्त वर्ष 2022 की केंद्रीय बजट के बाद सरकार ने मेगा आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कई विधायी और कार्यकारी कदम उठाए हैं।

वित्त विधेयक, 2021 के तहत प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, एलआईसी की अधिकृत शेयर पूंजी 25,000 करोड़ रुपये होगी, जिसे प्रत्येक 10 रुपये के 2,500 करोड़ शेयरों में विभाजित किया जाएगा। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एलआईसी आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश मानदंडों में भी ढील दी है।