मथुरा के जिला अस्पताल में लाखों रु की नई डिजिटल एक्सरे मशीन शो पीस बनी

सतीश कुमार

मथुरा। योगी सरकार सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए लाख व्यवस्था कर ले परन्तु नकारा अधिकारी सब चौपट करने में लगे है। मथुरा के जिला अस्पताल में रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों को एक्सरे कराने के लिए भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मरीज स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते प्राइवेट संस्थानों में जाकर एक्सरे कराने के लिए मजबूर हैं। पिछले कई महीनों पहले आई हुई नई डिजिटल एक्सरे मशीन जिला अस्पताल के स्टोर रूम की सजावट का साधन बनी हुई है। अस्पताल के एक्सरे विभाग में तैनात कर्मचारी नई मशीन के इंस्टॉलेशन में अपना सहयोग नही दे रहे। निजी चिकित्सा संस्थानों में एक्स-रे कराने को मजबूर मरीजों ने कर्मचारियों पर आरोप लगाया है मिलीभगत के चलते प्राइवेट संस्थानों में एक्सरे कराने के लिए वह बाध्य हो रहे हैं।

सरकार एक ओर जिला अस्पतालों में गरीब जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है वहीं अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार गरीब लोगों लोगों को सरकारी सुविधाओं से महरूम रखना चाहते हैं। प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक मरीज जिला अस्पताल के चिकित्सकों के परामर्श पर अपनी शारिरिक परेशानियों को लेकर एक्सरे कराने के लिए जाते हैं। मगर उन्हें वहां मौजूद एक्सरे टेक्नीशियन नही मिलता, कोई मिलता भी है तो यह कह देता है कि एक्सरे मशीन खराब है उसमें आपके शरीर के अंदर होने वाली दिक्कत की रिपोर्ट सही नही आएगी। मरीजों का कहना है कि जो भी एक्सरे विभाग में कर्मचारी मिलता है वह एक ही बात बोलता है कि बाहर जाकर अपना एक्सरा करा लो।

राजपथ संवाददाता ने जब मुख्य चिकित्साधिकारी से इस विषय पर जानकारी की तो उन्होंने बताया कि पिछले कई महीन पहले शासन द्वारा एक नई डिजिटल एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई है मगर एक्सरे विभाग में उस मशीन के इंस्टालेशन को लेकर सहयोग नही दिया जा रहा। यदि शीघ्र लाखों रु की नई डिजिटल एक्सरे मशीन को चालू नहीं किया गया तो कुछ समय पश्चात उसका कबाड़ में बदल जाना निश्चित है।