24 नवंबर को यमुना के घाटों पर जगमगाएंगे असंख्य दीप, भव्य होगा देव दीपावली महोत्सव

20 वर्षों से चली आ रही परंपरा को और आकर्षक बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

मथुरा। धर्मनगरी मथुरा में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले देव दीपावली महोत्सव को इस वर्ष और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। देव दीपावली महोत्सव समिति की ओर से पिछले 20 वर्षों से यमुना के विभिन्न घाटों पर असंख्य दीप प्रज्वलित करने के साथ आकर्षक विद्युत सजावट और फूलों एवं रंगों से रंगोली सजाकर भव्य आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष आयोजन को और विस्तार देने तथा बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के लिए समिति के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा।

समिति के अध्यक्ष पंडित सोहन लाल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक संपूर्ण ब्रजमंडल में 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास रहता है। कार्तिक पूर्णिमा पर सभी देवी-देवता मां यमुना से विदाई लेकर अपने-अपने स्थानों को लौटते हैं। इसी धार्मिक मान्यता के चलते संपूर्ण ब्रज में कार्तिक मास के दौरान तीर्थ स्थलों और देवालयों में भव्य देव दीपावली मनाई जाती है।

समिति के महामंत्री आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने बताया कि इस वर्ष देव दीपावली महोत्सव 24 नवंबर मंगलवार को सायं पांच बजे से विगत वर्षों की भांति भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सती बुर्ज स्थित राजा घाट पर ब्रज के पूज्य संतों, धर्माचार्यों, मथुरा महानगर के गणमान्य नागरिकों और जिला प्रशासन की उपस्थिति में शंखध्वनि के साथ होगा।

समिति के उपाध्यक्ष अजय चतुर्वेदी, पंडित पंकज शर्मा, महेन्द्र दत्त आचार्य एडवोकेट और अखिलेश मिश्रा पिंटू ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष महर्षि वेदव्यास की पौराणिक साधना स्थली कृष्णगंगा घाट से श्री ध्रुव जी महाराज की तपस्थली ध्रुवघाट तक यमुना के सभी प्रमुख घाटों और यमुना पार स्थित पौराणिक घाटों के साथ केशव दुर्ग यानी कंस किले पर भी भव्यता से मनाया जाता है। इस दौरान घाटों पर दीप प्रज्वलन के साथ आकर्षक विद्युत सजावट और रंगोली के माध्यम से भव्य दृश्य प्रस्तुत किया जाता है।

समिति के पदाधिकारियों ने ब्रजवासियों से देव दीपावली महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की।