गुरुकुल हादसे पर एबीवीपी का हल्लाबोल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

चार छात्रों की मौत से आक्रोशित विद्यार्थी परिषद ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, 25-25 लाख मुआवजे की मांग

मथुरा। वृंदावन स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में भूमिगत पानी की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से चार छात्रों की मौत और एक छात्र के गंभीर रूप से घायल होने की घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ा आक्रोश जताया है। विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर सह मंत्री दीपक शर्मा के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बिना ऑक्सीजन किट गैस डिटेक्टर और सुरक्षा बेल्ट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के छात्रों को गहरे भूमिगत टैंक में उतारा गया। विद्यार्थी परिषद ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि पढ़ाई के लिए आए विद्यार्थियों से इस तरह का जानलेवा और जोखिमपूर्ण कार्य कराया जाना बेहद गंभीर मामला है।

प्रदेश मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में अध्ययनरत निर्दोष छात्रों का जीवन किसी भी संस्थान की संवेदनहीनता और लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना बेहद हृदयविदारक है और विद्यार्थी परिषद पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रशासन दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करे।

विद्यार्थी परिषद ने घटना की त्वरित और समयबद्ध मजिस्ट्रियल जांच कराने तथा दोषी प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। मृतक छात्रों के आश्रित परिवारों को शासन स्तर से 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने और उपचाराधीन छात्र का संपूर्ण निःशुल्क उच्चस्तरीय उपचार कराने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में जिले के सभी विद्यालयों गुरुकुलों आश्रमों और छात्रावासों में छात्रों से पानी की टंकी सीवर अथवा विद्युत संबंधी जोखिमपूर्ण कार्य कराने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने की मांग उठाई गई।

परिषद ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र के सभी आवासीय शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों का अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट कराने तथा प्रत्येक संस्थान में सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने की मांग की। जांच समिति की रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

इस दौरान प्रदेश मंत्री आनंद कठेरिया, विभाग संयोजक अमन पाण्डेय, विभाग छात्रा प्रमुख साधना प्रजापति, जिला छात्रा प्रमुख विनीता शर्मा, महानगर सह मंत्री कान्हा चतुर्वेदी, अनमोल दुबे, कृष्णकांत चौधरी और प्रेम कश्यप सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।