नई दिल्ली । देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों के लिए 30 दिनों की वैधता वाले रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराना जरूरी कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं को हर 28 दिन में रिचार्ज कराने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए सरकार और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) का आभार जताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में टेलीकॉम कंपनियों के 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान का मुद्दा उठाया था। उनके अनुसार उपभोक्ताओं ने सीमित विकल्पों को लेकर अपनी चिंताएं साझा की थीं।
सांसद के मुताबिक 28 दिन की वैधता के कारण उपभोक्ताओं को साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था। 30 दिन की वैधता वाले प्लान उपलब्ध होने से एक साल में 12 रिचार्ज से काम चल सकेगा। इससे नियमित मोबाइल सेवा का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च कम हो सकता है।
नए नियमों के तहत उन उपभोक्ताओं के लिए भी वॉइस और एसएमएस आधारित प्लान उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे उपभोक्ता केवल कॉल और संदेश के लिए अपनी जरूरत के अनुसार प्लान चुन सकेंगे और उन्हें अनावश्यक डेटा के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
ट्राई और सरकार के इस कदम से उपभोक्ताओं को रिचार्ज के अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ऐसे लोगों के लिए यह बदलाव उपयोगी हो सकता है जो मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से बातचीत और संदेश भेजने के लिए करते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनियां नए नियमों के अनुरूप किस तरह के प्लान और कीमतें बाजार में उपलब्ध कराती हैं।