ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का भव्य शुभारंभ, शाह बोले- तमंचों की फैक्ट्री की जगह यूपी में बन रही ब्रह्मोस
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में पांच दिवसीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआइटीएस) के चौथे संस्करण का आज शुक्रवार को शुभारंभ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन किया है। बता दें कि ट्रेड शो में पहली बार ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम साझेदार देश के तौर पर सहभागिता कर रहे हैं।
इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक प्रदेश के उत्पादों की पहुंच के अवसर बढ़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खरीदारों की बीटूबी बैठक, सेक्टोरल नीति सत्र से प्रदेश में निवेश की नई संभावनाएं तैयार की जाएंगी।
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में माफिया का प्रभाव था। 2017 के बाद अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि “तमंचों की फैक्ट्री की जगह ब्रह्मोस बन रही है। जिन स्थानों पर पहले वाहन चोरी की घटनाएं होती थीं वहां अब वाहन निर्माण हो रहा है और चेन स्नैचिंग के लिए बदनाम इलाकों में मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी औद्योगिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।”
गृह मंत्री ने कहा कि आगरा अलीगढ़ समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है। भारत का रक्षा उत्पादन एक लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है और देश करीब 80 देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआइटीएस को उत्तर प्रदेश की परंपरा, विरासत, उत्पादों और तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने रखने वाला मंच बताया. उन्होंने कहा कि ट्रेड शो में अलग-अलग जिलों के कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
यूपीआइटीएस के पिछले संस्करण में 5.07 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। इसमें करीब 1.40 लाख बी2बी आगंतुक शामिल थे और 2,228 प्रदर्शकों ने भाग लिया था। इस बार आयोजन का दायरा और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।